जिले में 31 हजार मीट्रिक टन धान खरीद के सापेक्ष अंतिम तारीख तक मात्र 12
हजार 200 मीट्रिक टन ही धान खरीदा जा सका। यह लक्ष्य का 39.36 फीसदी रहा।
धान की कम खरीद होने पर जिला प्रशासन सूखे की मार को प्रमुख कारण मान रहा
है।
वित्तीय वर्ष 2014-15 में कानपुर देहात को शासन ने 31 मीट्रिक टन
धान खरीद का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन
ने 39 केंद्र बनाए थे, जिसमें खाद्य विभाग के 7, पीसीएफ 14, यूपी एसएस 4,
एनसीसीएफ 4, कर्मचारी कल्याण निगम 3, यूपी एग्रो 2, भारतीय खाद्य निगम 1,
कल्याणपुर उपसहायक संग्रह 2, उत्तर एवं वित्त सहायक संग्रह 2 केंद्रों के
माध्यम से धान खरीद कराई गई। 31 जनवरी तक मात्र 12 हजार 200 मीट्रिक टन धान
खरीदा जा सका।
यह खरीद निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 39.36 फीसदी ही
रही। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लख्मी सिंह ने बताया कि मौसम की बेरुखी के
चलते धान की पैदावार लेने वाले किसानों को नुकसान हुआ है, जिसका असर धान
खरीद पर भी हुआ है।
देहात में एजेंसियों के माध्यम से कराई गई धान खरीद में झींझक
केंद्र की एजेंसी ने 138.79 फीसदी धान खरीद कर सभी को पीछे छोड़ दिया। तो
वहीं राजपुर में सबसे कम धान खरीद दर्ज की गई।
देहात में 39 एजेंसियों के
माध्यम से 12 हजार 200 मीट्रिक टन धान क्रय किया गया है। इस खरीद में खाद्य
विभाग के बनाए गए 7 केंद्रों में झींझक क्रय केंद्र ने 1200 मीट्रिक टन
लक्ष्य के सापेक्ष 1665.44 मीट्रिक टन धान क्रय कर 138.79 फीसदी प्रगति
दर्शायी। वहीं, राजपुर शाखा ने 500 मीट्रिक टन के सापेक्ष मात्र 18 टन की
धान खरीदा। यह लक्ष्य के सापेक्ष 3.60 फीसदी ही रहा।