वाणिज्य कर विभाग ने अपने बड़े बकाएदारों की सूची जारी की है। इसमें कानपुर जोन के कुल 37 नाम शामिल हैं, जिन पर कुल मिलाकर 145 करोड़ की बकाएदारी है। वाणिज्य कर कमिश्नर ने व्यापक पैमाने पर वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने यह भी कहा है कि जो मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, उन्हें छोड़कर अन्य से वसूली की जाए। यदि वसूली संभव नहीं है तो फिर कुर्की या नीलामी की कार्रवाई की जाए। कार्रवाई की सूचना मुख्यालय को लगातार भेजी जाए। वहां भी इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। ताकि समय-समय पर समीक्षा की जा सके।
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प्रमुख 15 व्यापारिक फर्में और उन पर बकाया धनराशि
मेसर्स नारायणी सेल्स, बर्रा - 15.81 करोड़
वैभव कास्टिंग प्रा. लि. - 13.86 करोड़
राजेंद्र स्टील लि. - 9.40 करोड़
भारत वर्क्स लि. - 8.77 करोड़
शाइनिंग स्टार ट्रेडिंग कंपनी - 7.51 करोड़
भारत आर्म्स कॉरपोरेशन कंपनी प्रा. लि. - 7.50 करोड़
नागरथ पेंट्स प्रा. लि. - 6.34 करोड़
पंजाब आर्मरी - 5.97 करोड़
लक्ष्मी ट्रेडर्स, कैनाल रोड - 5.86 करोड़
आरएम मशीन्स प्रा. लि. - 5.63 करोड़
ओरिएंटल इंटरप्राइजेज लि. - 5.48 करोड़
आईडोल कॉमर्स प्रा. लि. - 5.29 करोड़
एलएमएल फाइवर लि. - 5.09 करोड़
एक्सीलेंट इंटरप्राइजेज प्रा. लि. - 4.10 करोड़
राजेंद्र पाईप लि. - 3.70 करोड़
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लंबे अरसे से इन व्यापारिक फर्मों पर वाणिज्य कर की करोड़ों की देनदारी है। कुछ मामले अदालतों में चल रहे हैं और कुछ जोन के अधिकारियों के सुस्त रवैये के चलते ठंडे बस्ते में हैं। इसे देखते हुए एक करोड़ से अधिक राशि के बकाएदारों की सूची जारी की गई है। जिन प्रकरणों में कानूनी बाधा नहीं है, वहीं सख्ती से वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर इस अभियान में हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
मृत्युंजय कुमार नारायण, कमिश्नर (वाणिज्य कर विभाग)