कानपुर। मानसून की दस्तक से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पिछले वर्षों में बाढ़ और जलभराव से हुई भारी परेशानी को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से तैयारी में जुटा है। मंगलवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई। तय हुआ कि इस बार जिले में कुल 36 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी।
बैठक में राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मानसून से पहले सभी विभागों को तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। जनपद में गंगा, यमुना समेत छह नदियां बहती हैं। पूर्व वर्षों में चारों तहसीलों के करीब 175 गांव बाढ़ से प्रभावित रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 149 नावें तैनात की जाएंगी।
जिलाधिकारी ने सभी चौकियों पर प्रकाश, पेयजल, सर्च लाइट और मेडिकल किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तटबंधों की मरम्मत, नालों की सफाई और मॉक ड्रिल समय से कराने को कहा गया। नाव मालिक, नाविकों और गोताखोरों की सूची तत्काल तैयार करने के निर्देश मिले। पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग को टीके, दवाएं तथा एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया। बिजली विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई।