हरदोई के हरपालपुर में अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम गंगानगर में रविवार तड़के बिजली के तारों के आपस में टकराने के कारण निकली चिंगारी से 36 मकानों में आग लग गई। देखते ही देखते सभी मकान जलकर राख हो गए। सूचना देने के लगभग चार घंटे बाद भी अग्निशमन वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से आग को काबू में किया।
आग में लगभग 25 लाख रुपये की संपत्ति जल गई। गंगा नगर में लंकुश के मकान के ऊपर से बिजली की एलटी लाइन निकली है। सुबह लगभग 3.30 बजे अचानक एलटी लाइन आपस में टकरा गई। इस दौरान तारों से निकली चिंगारी लंकुश के मकान में रखे छप्पर पर जा गिरी। इसी दौरान तेज हवा चलने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आंखों के सामने राख हो गई जीवन भर की गृहस्थी
आग बुझाते ग्रामीण
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देखते ही देखते आग ने आस-पास के मकानों और छप्परों को भी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी अग्निशमन विभाग को दी, लेकिन विभाग की ओर से न तो कोई कर्मचारी पहुंचा और न ही दमकल वाहन। ग्रामीणों ने पंपसेट और हैंडपंप की मदद से पानी निकालकर आग पर फेंका। लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू में किया जा सका। लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान अग्निकांड में हुआ है।
हादसे का शिकार हुए...
लंकेश, धीरु, सर्वेश, गया प्रसाद, संजू देवी, अवधेश, दिनेश, उमेश, हरीराम, दिलीप, अंकित, रामप्रकाश, राजेश, फूलचंद्र, सत्यवती, अमर सिंह, मुकेश, सुधीर, रनवीर, रामशंकर, नरेश, संजू, जितेंद्र, रामदेवी, अमित, रामसनेही, रामश्री, रामनिवास, रामकरन, पातीराम, रामलाल, अमरेश, नीरज, मुरारी, संदीप, सुनीता व दीपू।
बिटिया की बरात आने से पहले राख हुआ सामान, मां-बाप बदहवास
बेटी की शादी का सामन जलने के बाद बदहवास परिजन
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गंगानगर में हुए अग्निकांड में अमरेश का सब कुछ जलकर राख हो गया। आग बुझने के बाद जब उसे अपने मकान और छप्पर में सिर्फ राख ही राख मिली, तो वह बदहवास हो गया। दरअसल अमरेश ने अपनी पुत्री पूजा की शादी फर्रुखाबाद जिले के नगला हरदास निवासी भजनलाल पाल के पुत्र सुभाष से तय कर रखी है। 15 जून को बरात आनी है। अमरेश ने बताया कि शनिवार को ही एक व्यक्ति से 30 हजार रुपये उधार लाकर शादी का सामान लेने की तैयारी कर रहा था। आग लगने में रुपये भी जल गए।
पत्नी की तेहरवीं की चिंता सता रही पातीराम को
पातीराम की पत्नी का निधन बीमारी के चलते हो गया था। सोमवार को तेरहवीं होनी है। तेरहवीं के मद्देनजर सारा सामान खरीदकर रख लिया गया था। यह सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।