आईआईटी में तैयार साइबर कमांडो का पहला बैच।
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कानपुर। आने वाले समय में साइबर अटैक और बढ़ेंगे। इनसे बचाने के लिए आईआईटी ने 36 साइबर कमांडो का पहला बैच तैयार किया हैं। इन कमांडो की छह महीने से चल रही ट्रेनिंग सोमवार को समाप्त हो गई। यह साइबर कमांडो साइबर डिफेंस, एथिकल हैकिंग, डिजिटल फोरेंसिक, पेनेट्रेशन टेस्टिंग जैसे विषयों में पूर्ण रूप से पारंगत है। इसके अतिरिक्त हार्डवेयर सुरक्षा, ब्लॉकचेन और क्रिप्टोकरेंसी, और आईओटी पर भी इनकी पूरी पकड़ है।
आईआईटी कानपुर ने गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराया था। निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों में साइबर प्रशिक्षित कर्मियों का एक समर्पित समूह तैयार करना है।
पहले बैच ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा किया है। छह महीने के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आईआईटी के नोएडा आउटरीच सेंटर में किया गया। इसका समापन सोमवार को हुआ। सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता वाले प्रमाण पत्र भी दिए गए हैं जो उन्हें सर्टिफाइड एथिकल हैकर, कंप्यूटर हैकिंग फोरेंसिक इन्वेस्टीगेटर और सर्टिफाइड थ्रेट इंटेलिजेंस एनालिस्ट के तौर पर काम करने की अनुमति देते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में आई4सी के सीईओ राजेश कुमार, निदेशक कर्नल अरविंद कुमार, आशुतोष बहुगुणा, यूपी पुलिस के डीजी प्रशिक्षण तिलोत्तमा वर्मा, एडीजी विनोद कुमार सिंह, यूपी राज्य फोरेंसिक साइंस संस्थान के निदेशक डाॅ. जीके गोस्वामी और आईआईटी सी3आई हब सेंटर के कोआर्डिनेटर प्रो. संदीप शुक्ला मौजूद रहे।