कानपुर देहात। समूह की 35 महिलाओं को आरसेटी में ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही इन्हें हर्बल प्रोडक्ट बनाना भी सिखाया जा रहा है। इससे यह खुद का कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 10 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। इसके अलावा एनआरएलएम विभाग की तरफ से पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह से जोड़ा जा रहा है। साथ ही उन्हें स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। जिससे वह आर्थिक रूप से मजबूत होकर आत्मनिर्भर बन सकें।
आरसेटी प्रशिक्षक पंकज कुमार ने बताया कि अलग-अलग 14 समूह की 35 महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर का काम शुरू करने की इच्छा जाहिर करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। इन्हें 35 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें इन्हें हेयर स्पा, हेयर रिबाउंडिंग, फेशियल, नेल आर्ट्स आदि विषयों की जानकारी दी रही है। ट्रेनर ज्योति पांडेय ने बताया कि इसके अलावा महिलाओं को हर्बल फेस वॉश, लिपबाम, कोल्ड क्रीम, हर्बल हेयर ऑयल, हर्बल पाउडर व हर्बल शैंपू जैसे प्रोडक्ट को भी बनाना सिखाया जा रहा है। इससे वह खुद की सामग्री बनाकर बाजार में बिक्री कर आमदनी कर सकेंगी।
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बयान.....
समूह की महिलाओं को ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने के साथ ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे वह खुद का कारोबार कर आमदनी कर सकेंगी। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन्हें सीएम युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण दिलाने में सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - मयंक कटियार, निदेशक, आरसेटी