कानपुर। ई-बसों के किराये में फर्जीवाड़ा करने वाले संविदा परिचालकों पर कार्रवाई के बाद भी आय में वृद्धि नहीं हो रही है। अभी भी किराया लेकर टिकट नहीं काटे जा रहे हैं। करीब 35 संविदा परिचालक रडार पर हैं जिनकी निगरानी की जा रही है।
अभी कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (केसीटीएसएल) शहर के विभिन्न रूटों पर 75 से 80 ई-बसें चलवा रही है। करीब 15 हजार यात्री प्रतिदिन ई-बसों से सफर कर रहे हैं लेकिन टिकट सिर्फ दस हजार के आसपास ही काटे जा रहे हैं। इस हिसाब से कंपनी को प्रतिदिन ढाई से तीन लाख की आय ही हो रही है। टिकट काटने में खेलकर संविदा परिचालक किराये का एक तिहाई हिस्सा अपनी जेब में रख रहे हैं। इस वजह से कार्रवाई के बाद भी कंपनी का लोड फैक्टर नहीं बढ़ रहा है। अभी भी करीब 35 संविदा परिचालकों पर सीसीटीवी कैमरे से निगाह रखी जा रही है।
20 अगस्त को आईआईटी से रामादेवी, बिंदकी, उन्नाव, घाटमपुर आदि रूटों की चेकिंग के दौरान 43 ई-बसों के परिचालक किराया लेकर टिकट न काटने पर पकड़े गए थे। इन्हें तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया था। इन्हें चिह्नित कर केसीटीएसएल ने अहिरवां स्थित मेसर्स एसएस इंटरप्राइजेज को पत्र लिखकर इन सभी को बर्खास्त करने के निर्देश दिए थे। इसके पूर्व भी कई परिचालक पकड़े जा चुके हैं।
किराया लेकर टिकट न काटने वाले संविदा परिचालकों की निगरानी की जा रही है। इन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
-रजनीश राजपूत, मुख्य संचालन अधिकारी, केसीटीएसएल