दवाओं की सैंपलिंग करते स्वास्थ्य अधिकारी
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यूपी के उन्नाव जिले में कई स्थानों पर फेंकी गई सरकारी दवाओं की जांच शनिवार को डिप्टी सीएमओ डा. जेआर सिंह व डीआई अजय संतोषी ने की। कूड़े में मिली 33 दवाओं के नमूने भरने के साथ उन्हें जमीन में डंप करा दिया गया। इस दौरान एक्सपायरी दवाओं की रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ व डीएम को भेज दी गई है।
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को चार स्थानों पर कूड़े के ढेर में भारी मात्रा में सरकारी दवाएं पड़ी मिली थी। हसनगंज चिकित्सा प्रभारी डा. नितिन ने दवाओं की जांच कर मामले की सूचना सीएमओ को दे दी थी। शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डा. जेआर सिंह व डीआई अजय संतोषी जांच के लिए हसनगंज पहुंचे।
एक्सपायरी दवाओं को जमीन में डंप कराया जाता है
सीएचसी हसनगंज में दवाओं का स्टाक चेक करते डिप्टी सीएमओ डा. जेआर सिंह
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यहां सबसे पहले उन्होंने दवाओं की सूची तैयार की। कूड़े के ढेर में 33 तरह की दवाएं फेंकी गई थी। डिप्टी सीएमओ डा. जेआर सिंह ने बताया कि दवाएं 2013 बैच की हैं। दवाओं की आपूर्ति जालौन के लिए की गई थी। दवाओं के पर्चे व गत्तों पर मेडिकल कालेज जालौन की मुहर भी लगी मिली है। सभी दवाएं एक्सपायरी डेट की हैं।
उन्होंने बताया कि एक्सपायरी दवाओं को जमीन में डंप कराया जाता है। ऐसे में कूड़े के ढेर में जो दवाएं मिली हैं उन्हें डंप करा दिया गया है। वहीं दवाओं की सूची तैयार कर उनके सैंपल ले लिए गए हैं। दवाओं के बैच नंबर व एक्सपायरी की रिपोर्ट सीएमओ व डीएम को भेज दी गई हैं।
सीएचसी में दवाओं के स्टाक की हुई जांच
33 तरह की दवाएं फेंकी गई थी कूड़े के ढेर में
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सीएचसी में दवाओं के स्टाक की हुई जांच
कू़ड़े के ढेर में दवाएं मिलने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने हसनगंज सीएचसी में दवाओं के स्टाक की जांच की। डिप्टी सीएमओ डा. जेआर सिंह व डीआई अजय संतोषी ने सीएचसी में दवाओं का स्टाक देखा। इस दौरान रजिस्टर से स्टाक मिलाया गया। दवा भंडार कक्ष में उन्हें सब ठीक मिला।