निदेशालय की टीम ने की थी मामले की जांच
- फोटो : amar ujala
कानपुर में शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना के फर्जीवाड़े में 32 और अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती हैं। इनमें लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार शामिल हैं। सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। अपात्रों को पात्र बनाने में इनकी भी भूमिका सामने आई है।
सत्यापन का जिम्मा इन्हीं अधिकारियों के पास होता है, लेकिन सभी ने घर बैठे जांच रिपोर्ट लगाकर किसी को पात्र और किसी को अपात्र बना डाला है। समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना की 51 अफसरों की जांच में 2533 अपात्रों को लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया था।
विभाग के बाबुओं की भी भूमिका सामने आई थी। जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने अपात्र आवेदनों की जांच कराई तो भौतिक सत्यापन में तीन तहसीलदार, 6 कानूनगो, 23 लेखपालों के हस्ताक्षर मिले हैं। जिलाधिकारी ने सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा है। सूत्रों की माने तो जल्द ही इन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
समाज कल्याण अधिकारी समेत 6 हो चुके निलंबित
अमर उजाला ने फरवरी में फर्जीवाड़े के इस खेल का भंडाफोड़ किया था। आवेदनों की जांच में गड़बड़ी मिलने पर जिलाधिकारी ने 3 लेखपाल, एक कानूनगो और एक महिला लिपिक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। अब समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के निलंबित होने के बाद इनकी संख्या छह हो गई है।