कानपुर के बाबूपुरवा में हुई हिंसा के मामले में एसआईटी ने 32 और उपद्रवियों को चिह्नित किया है। अब एसआईटी के अधिकारी हर एक उपद्रवी की हिंसा में भूमिका की जांच कर रहे हैं। उसी आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
एसआईटी इन सभी के मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकाल लोकेशन भी पता कर रही है। 20 दिसंबर को बाबूपुरवा में हुई हिंसा में 13 प्रदर्शनकारियों को गोली लगी थी। इसमें से तीन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आगजनी व तोड़फोड़ कर सरकारी व निजी संपत्ति का भारी नुकसान पहुंचाया था।
बाबूपुरवा पुलिस एफआईआर दर्ज कर चार उपद्रवियों को जेल भेज चुकी है। अब हिंसा की जांच एसआईटी कर रही है। एसपी क्राइम राजेश कुमार यादव ने बताया कि वीडियो फुटेज व फोटो के आधार पर 32 और उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है।
जांच की जा रही है कि इन उपद्रवियों ने हिंसा में क्या-क्या किया है। उसी आधार पर अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई होगी। इधर यतीमखाना में हुई हिंसा के भी वीडियो फुटेज देख एसआईटी उपद्रवियों की पहचान में जुटी है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शहर में हिंसा कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में प्रशासन ने 16 आरोपियों के घर पर रिकवरी का नोटिस बुधवार को भेजा है। आठ उपद्रवी बाबूपुरवा व आठ यतीमखाना के हैं। शहर में 20 व 21 दिसंबर को बाबूपुरवा व यतीमखाना में हिंसा हुई थी।
एडीएम सिटी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि आकलन के मुताबिक 4.22 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति को उपद्रवियों ने नष्ट किया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जितनी संपत्ति नष्ट की गई है, उसकी भरपाई के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। दूसरी ओर मामले की जांच कर रही एसआईटी प्रमुख एसपी क्राइम राजेश यादव का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।