नवाबगंज (उन्नाव)। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सोहरामऊ थानाक्षेत्र में चिरैया नाला के पास कानपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने पैदल सड़क पार कर रही महिला व उसके भांजे को टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने दोनों को नवाबगंज सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। महिला गांव के कोटेदार के भांजे के तिलक कार्यक्रम में शामिल होने सोहरामऊ से नवाबगंज कस्बा जा रही थीं। हादसे के वक्त बेटा बाइक में पेट्रोल भराने गया था।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को नवाबगंज कस्बे में स्थित एक गेस्ट हाउस में गांव के कोटेदार राजकिशोर के नवाबगंज के शीतलगंज मोहल्ला निवासी भांजे अभिषेक मिश्रा के तिलक समारोह कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सोहरामऊ थानाक्षेत्र के हिम्मतगढ़ निवासी सुशील शुक्ला की पत्नी सुशीला (40) सोमवार रात बेटे अभिषेक शुक्ला (22) व पुरवा कोतवाली के मिर्जापुर गांव निवासी भांजे हर्षित (9) पुत्र शंकर तिवारी के साथ बाइक से नवाबगंज जा रहे थे। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर चिरैया नाला के पास अभिषेक बाइक में पेट्रोल भराने लगा। इसी दौरान सुशीला अपने भांजे के साथ पैदल सड़क पार करने लगी। तभी लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही कार ने दोनों को टक्कर मारते हुए निकल गई। तेज टक्कर लगने से मामी और भांजा उछलकर करीब बीस मीटर दूर जा गिरे। अभिषेक की नजर पड़ी तो उसने शोर मचाया तो लोग दौड़े। आनन-फानन दोनों को टोल प्लाजा की एंबुलेंस से नवाबगंज सीएचसी पहुंचाया गया जहां डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि घटना स्थल से करीब दो मीटर की दूरी पर पिकेट पर तैनात पुलिस जवान नहीं पहुंचे। सोहरामऊ थानाध्यक्ष शिवकुमार ने बताया कि हादसे के बाद कार चालक भाग निकला। घटना स्थल पर एक टूटी नंबर प्लेट मिली है। उसकी जांच की जा रही है हो सकता है यह नंबर प्लेट उसी कार की भी हो सकती है।
तिलक व जनेऊ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुशीला के अलावा जेठानी नीलम शुक्ला भी नवाबगंज जा रही थी। एक बाइक में सुशीला व उसका बेटा था। जबकि दूसरी बाइक में जेठानी नीलम अपने पति नरेंद्र के साथ थी। हादसा होने के बाद नीलम घटनास्थल पर पहुंची। उसने परिजनों को घटना की सूचना दी। सुशीला के एक बेटा व दो बेटी हैं। हादसे में मौत की जानकारी हुई तो कोहराम मच गया।
एकलौते बेटे की मौत से माता-पिता बेहाल
पुरवा के मिर्जापुर निवासी शंकर की शादी 15 वर्ष पूर्व हुई थी। शादी के 6 साल बाद हर्षित का जन्म हुआ था। एकलौते बेटे की मौत की खबर से पिता शंकर बार बार बेहोश हो जाते।