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सपा एमएलसी के करीबी से पांच घंटे पूछताछ

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हमीरपुर। सीबीआई के अस्थायी कैंप कार्यालय में 11वें दिन गुुरुवार को सपा एलएलसी रमेश मिश्रा के करीबी व मुकदमे में नामजद आरोपी से सीबीआई ने करीब पांच घंटे पूछताछ की। उधर, सीबीआई के बुलावे पर पहुंचे याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी ने सिंडीकेट व अवैध खनन से संबंधित साक्ष्य सीबीआई को सौंपे। इसके अलावा मुकदमे में नामित आरोपी पट्टाधारक सत्यदेव दीक्षित को टीम ने गुरुवार दोबारा तलब किया। मौजूदा खनिज अधिकारी, चिकासी थाने का पैरोकार, मुनीम अनुराग तिवारी, मृतक मुनीम का पुत्र कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां सीबीआई टीम ने सभी के बयान दर्ज कर वीडियोग्राफी कराई।
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मौदहा बांध (निर्माण खंड) के निरीक्षण भवन में सीबीआई टीम ने अस्थायी कैंप बना रखा है। गुरुवार की सुबह करीब दस बजे सपा एमएलसी के करीबी अंबिका तिवारी उर्फ बब्लू मिश्रा कैंप कार्यालय पहुंचे। टीम ने उनसे करीब पांच घंटे पूछताछ की। सीबीआई द्वारा पांच जनवरी को दर्ज कराए मुकदमे में अंबिका तिवारी को भी नामजद आरोपी बनाया है। इसके बाद याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी सीबीआई के बुलावे पर पहुंचे। वे करीब एक घंटे रहे। बताया कि अवैध खनन की जबसे जांच शुरू हुई है और सिंडीकेट संचालन का पता चला है तब से लेकर आखिर तक जहां कहीं शिकायतें कीं, वे कागजात व अन्य साक्ष्य सीबीआई को उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा मुकदमे में नामित आरोपी सत्यदेव दीक्षित, मौजूदा खान अधिकारी एसके सिंह, मुनीम अनुराग तिवारी, बड़ेरा खालसा के मुनीम रहे स्वर्गीय छेदालाल के पुत्र कुलदीप, चिकासी थाने के पैरोकार महेश सीबीआई के सामने पेश हुए। जहां टीम ने इन सभी के बयान दर्ज कर वीडियोग्राफी कराई।
कुछ बाहरी लोगों को भी सीबीआई ने तलब कर पुलिस के जरिये बुलाया है। इसके लिए सीबीआई ने नोटिस जारी कर कोतवाली के सिपाही से तामील कराने को कहा। तामीली न होने पर सीबीआई अधिकारी ने सिपाही से सवाल जवाब किया। इस पर सिपाही ने कहा कि ये लोग मिल नहीं रहे हैं, तब सीबीआई अधिकारी ने सिपाही को फटकार लगाई, साथ ही बड़े अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। इस पर सिपाही ने कुछ मोहलत मांगी और गुरुवार को शेष लोग कैंप कार्यालय में आ गए।
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जानकार बताते हैं कि जिस वक्त सीबीआई अधिकारी सुमेरपुर रेलवे स्टेशन टिकट कटवाने गए। उनके साथ एक सीबीआई अधिकारी और थे। स्टेशन के बुकिंग सेंटर से टिकट कटवाने के बाद साथ गए सीबीआई अफसर को ट्रेन में बांदा के लिए बैठा दिया और एक सीबीआई अधिकारी कुछ देर बाद मुख्यालय स्थित कैंप कार्यालय वापस आ गया। बताया जाता है कि सिंडीकेट के तार बांदा से जुड़े हैं। इसी संबंध में अफसर बांदा गया है।
बुधवार को सीबीआई अधिकारी ने मुख्यालय स्थित एचडीएफसी बैंक में छापामार मुकदमे में नामित आरोपियों के बैंक खाते व लॉकर खंगाले थे। बैंक से सीबीआई को दस्तावेज नहीं मिल सके थे। इस पर गुरुवार को बैंक का एक कर्मी कैंप कार्यालय में दो बार आकर सीबीआई अधिकारी को दस्तावेज मुहैया कराए। बताते चलें कि इस बैंक से दर्जनों कारोबारियों ने पोकलैंड, जेसीबी व अन्य प्रापर्टी के लिए फाइनेंस कराया है, जिसकी सूची सीबीआई के पास है।
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