उन्नाव। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अध्यक्ष व न्यायमूर्ति को अकरमपुर स्थित मिर्जा इंटरनेशनल टेनरी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं मिला। इस पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। उन्होंने फैक्टरी प्रबंधन को नोटिस देने के आदेश दिए। न्यायमूर्ति ने अंदर एक-एक प्रोसेसिंग यूनिटों को जांचा और स्टोरेज टैंक व आउटलेट के पानी का सैंपल भराया।
न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ गुरुवार को मिर्जा इंटरनेशनल टेनरी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्ट्री के कामकाज के बारे में पूछा। वहीं केंद्रीय टीम के सदस्यों ने एक-एक कर सभी प्रोसेसिंग यूनिट को जांचा। इस दौरान उन्हें पता चला कि फैक्टरी में सीटीपी प्लांट ही नहीं है। इस पर प्रबंधन को नोटिस देने के निर्देश दिए। प्रबंधक शरद कुमार से फैक्ट्री में मजदूरों की जानकारी ली। स्लज वाटर और वेस्ट का मैनेजमेंट करने के सवाल पर बताया गया कि वेस्ट को टैंकर से ढोया जाता है। इस पर न्यायमूर्ति ने पूछा कि वेस्ट कहां गिराया जाता है। जवाब मेें सभी एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे।
ट्रीटमेंट प्लांट न लगने के सवाल पर बताया गया कि किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। इस पर न्यायमूर्ति ने क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी विमल कुमार को फटकारा। कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस देकर प्लांट लगवाओ। गंदा पानी किसी भी हालत में बाहर नहीं जाना चाहिए। न्यायमूर्ति के निर्देश पर सेंट्रल कमेटी बोर्ड प्रदूषण के सचिव राजेंद्र सिंह ने फैक्ट्री में टैनिंग एरिया को देखा। एक्जास्ट लिक्युरपंप व सेटलिंग टैंक का जायजा लिया। यहां पर पानी के नीचे स्लज मिला। टीम के साथ वैज्ञानिक सर्वेश ने स्टोरेज टैंक में भरे पानी पर भूरे रंग की पर्त जमी होने का कारण पूछा तो बताया गया कि डाई साफ करने से यह हुआ है। इस पर इस पानी का भी नमूना भरा गया। प्रबंधक ने बताया कि यहां का पानी पेड़ों की सिंचाई व फ र्श साफ करने के काम में आता है। वहीं देरशाम नवाबगंज पक्षी विहार में भोजन करने के बाद कानपुर को रवाना हो गए।
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अध्यक्ष ने टीम के साथ अकरमपुर स्थित मिर्जा इंटरनेशनल टेनरी का किया निरीक्षण
- फैक्टरी की प्रोसेसिंग यूनिटों को जांचा, स्टोरेज टैंक व आउटलेट के पानी के सैंपल लिए गए