बिल्हौर। ब्लाक के मतलबपुर जुलाहा गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने छुट्टा जानवरों को स्कूल में बंदकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। वहीं, स्कूल परिसर में छुट्टा पशुओं के बंद किए जाने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है। जब मामले की सूचना स्कूल के शिक्षकों हुई तो उन्होंने विद्यालय गेट का ताला तोड़कर खंड शिक्षाधिकारी बिल्हौर से शिकायत की।
अकबरपुर सेंग ग्राम पंचायत के मतलबपुर जुलाहा गांव में बुधवार शाम ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं से गेहूं, मटर, सरसों, आलू आदि की फसल बचाने के लिए करीब 150 पशुओं को खदेड़कर गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया। एकाएक प्राथमिक स्कूल में बड़ी संख्या में पशु एकत्र होने से बड़ी संख्या में ग्रामीणों और बच्चे मौके पर जुट गए। ग्राम प्रधान शशिकांत ने बताया कि गंगा कटरी गांव होने के कारण रोजाना छुट्टा पशु उनकी फसलों को तबाह किए हुए हैं। ग्रामीण सर्दी में भी गंगा नदी में उतरकर छुट्टा पशुओं को गंगा पार करा देते हैं, लेकिन इसके बाद भी रातों-रात पशुओं की बड़ी संख्या खेतों की खड़ी फसल को नष्ट कर देती है। गांव के अशोक, गंगाराम, नन्हू आदि ने बुधवार शाम करीब पांच बजे खेत खलिहानों में फसल खा रहे करीब 150 छुट्टा पशुओं को खदेड़कर प्राथमिक विद्यालय मतलबपुर जुलाहा में कैद कर दिया। जब स्कूल में छुट्टा पशुओं के कैद किए जाने की सूचना स्कूल के प्रमुख शिक्षक चंद्रप्रकाश, शिक्षामित्र सुनीता को मिली तो उन्होंने पूरे मामले से खंड शिक्षाधिकारी को अवगत कराया। शिक्षकों ने बताया कि हालात ऐसे ही रहे तो गुुरुवार को पठन-पाठन में समस्या आ सकती है।
खंड शिक्षा अधिकारी अमर नाथ वर्मा ने बताया कि मतलबपुर जुलाहा गांव के प्राथमिक स्कूल में छुट्टा पशुओं के कैद किए जाने की सूचना है, स्कूल के शिक्षक गुरुवार को पशुओं के न निकलने की दशा में कोतवाली पुलिस में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग करेंगे।