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खुले में शौच को मजबूर महिला ने किया आत्मदाह

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फतेहपुर। घर में था सरकारी धन से बना शौचालय, पर सास-देवर वहां जाने नहीं देते थे। महिला दूसरा शौचालय बनवाना चाहती थी, इसमें भी ससुराल वाले बाधक बन गए। उनकी जिद ने ही बुधवार को महिला की जान ले ली। उसने खुद को आग के हवाले कर दिया। घटना से ललौली थाने के दतौली गांव में कोहराम मच गया। मायके वालों ने सास और देवरों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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दतौली गांव के रामबहादुर का ज्यादातर समय सूरत में रहना होता है। वहां वह मजदूरी करता है। गांव वाले घर में पत्नी गुड़िया देवी बेटी दीपिका (7) और बेटे शिवम (5) के साथ रहती थी। ग्रामीणों के मुताबिक गुड़िया अक्सर कहा करती थी कि सरकारी योजना से घर में बने शौचालय का इस्तेमाल उसे नहीं करने दिया जाता। सास कुसुमा

देवी और देवर बउवा, राम सिंह, लल्ला सिंह विरोध करते हैं। इसके चलते उसे खुले में शौच जाकर लज्जित होना पड़ता है और वह बच्चों को खूंटे से बांधकर जाती है, ताकि किसी शरारत में वे चोट न खा जाएं।
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रामबहादुर ने बताया कि पत्नी की तरफ से शिकायत के मद्देनजर दिवाली में घर आकर उसने अलग शौचालय बनवाने का निर्णय लिया। बुधवार सुबह 10 बजे शौचालय के लिए गड्ढा खुदाई का काम शुरू हुआ तो उसके भाई

विरोध करने लगे। इस पर वह ग्राम प्रधान को बुलाने गया। पीछे उसके भाइयों ने गुड़िया को कुल्हाड़ी से धमकाकर दौड़ा लिया। इससे दुखी होकर गुड़िया ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। जिला अस्पताल में देर रात उसकी मौत हो गई।
हमीरपुर जिले के सिजनौड़ निवासी गुड़िया के मायके वाले भी सूचना पाकर दतौली आ गए। उन्होंने शौचालय के लिए बेटी को सास और देवरों की तरफ से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया। एसओ राजेश मौर्या ने बताया कि

मामले की छानबीन की जा रही है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू सिंह ने बताया कि मृतका की सास कुसुमा के नाम से घर में सरकारी खाते से शौचालय की सुविधा दी गई थी। परिवार में बंटवारा न होने के कारण सरकारी स्तर से दूसरा शौचालय नहीं दिया जा सकता था। मृतका अपने खर्च से अपनी जगह में शौचालय निर्माण चाहती थी, जिसे घर के बाकी सदस्यों ने पूरा नहीं होने दिया।
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खुले में शौच को मजबूर महिला ने किया आत्मदाह
फतेहपुर में कोहराम, घर में सरकारी धन से बने शौचालय में सास-देवर घुसने न देते थे, दूसरा शौचालय बनने में भी थे बाधक
अमर उजाला ब्यूरो
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