अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। दिल्ली से घर लौट रहे बीमार फैक्ट्री कर्मी लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू (18) ने गांव के पास जंगल में फांसी लगा ली। चरवाहों ने फंदे पर लटका देख गांव में सूचना दी। पुलिस ने शव को नीचे उतारा।
पप्पू थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा कस्बे के खेलदार मोहल्ला निवासी स्वर्गीय दशरथ का बेटा था। तीन भाइयों चंदिका, अंबिका में वह सबसे छोटा था। चंद्रिका मुंबई और अंबिका दिल्ली में फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। चंद्रिका के पास दो साल पहले पप्पू काम की तलाश में मुंबई गया था।
मुंबई से एक साल बाद बीमार होने पर गांव लौट आया। इलाज के बाद दूसरी बार काम के लिए दिल्ली गया था। वहां भाई के साथ फैक्ट्री में काम करता था। करीब एक माह से दोबारा हालत बिगड़ने लगी।
दिल्ली से गुरुवार की रात वापस गांव लौटते समय उसने जंगल में फांसी लगा ली। चरवाहों ने पक्की बगिया में दोपहर को शव जामुन के पेड़ से लटका देखा। बेटे की आत्महत्या की सूचना पर मां सुमित्रा देवी का हाल बेहाल हो गया। सुमित्रा देवी स्कूल में दाई हैं। एसओ बिपिन कुमार सिंह ने बताया कि पप्पू को धात की बीमारी थी। इसी से आत्महत्या की बात अभी तक सामने आई है।