अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज। मिडडे-मील का चावल पकाने के दौरान नीला पड़ गया। प्रबंधन को जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। प्रिंसिपल की सूचना पर पहुंचे पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कच्चे और पक्के चावलों सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। हालांकि समय रहते रसोइये ने यह देख लिया था, जिससे बच्चों को चावल नहीं परोसा गया।
कस्बा स्थित श्यालाल इंटर कालेज में शनिवार दोपहर बच्चों को देने के लिए मिड-डे मील बनाया जा रहा था। कालेज में तैनात तीनों संयुक्त रसोइये कलावती, राजवती व गीता ने मिड-डे मील का भोजन पकाना शुरू किया। इस दौरान चावल पकने के बाद नीला पड़ गया। यह देख रसोइयों ने तुरंत एमडीएम प्रभारी आचार्य सियाराम व प्रधानाचार्य जगदीश कुमार को सूचना दी। हालांकि इस दौरान किसी भी बच्चे ने भोजन नहीं खाया था। प्रधानाचार्य जगदीश कुमार ने एसडीएम
हसनगंज, क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एसडीआई व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुबोध कुमार ने जांच की और मिड-डे मील के कच्चे व पक्के चावलों का सैंपल भर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा। वहीं नवाबगंज की स्वास्थ्य विभाग टीम ने भी मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। जहां सब ठीकठाक मिला। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि मिड-डे मील के पकने वालों चावलों का रंग कैसे बदल गया अभी इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। चावलों के अलग-अलग सैंपल भरकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत सामने आएगी।
कालेज के प्रिंसिपल जगदीश कुमार ने बताया कि कालेज में जूनियर कक्षाओं के 153 बच्चों का मिड-डे मील दिया जाता है। शनिवार को 94 बच्चे मौजूद थे। जिनके लिए एमडीएम में चावल बनवाया जा रहा था। इस सत्र में 1 अगस्त से मिड-डे मील भोजन बनने की शुरुआत हुई थी। लगभग दो सप्ताह पूर्व नगर की कोटेदार कुसुमा के यहां से दो क्विंटल चावलों की खेप आई थी। उसी चावल से मिड-डे मील बनाया जा रहा था।
मिडडे-मील का चावल पकाने में हो गया नीला
कालेज पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने अधपके चावलों का लिया सैंपल