अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। दहेज में बाइक व दो लाख की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या के आरोपी पति को न्यायालय ने 10 साल की सजा व 18 हजार का जुर्माना लगाया है। जून-2013 को मृतका के भाई की तहरीर पर अचलगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। गुरुवार को अंतिम सुनवाई में अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश ने पति को दोषी करार देते हुए सजा व जुर्माने का फैसला सुनाया।
अचलगंज थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी सूरज सिंह ने 24 जून 2013 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी बहन की शादी अजगैन थानाक्षेत्र के मलांव गांव निवासी संदीप सिंह के साथ की थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुरालीजन उसकी बहन को बाइक व दो लाख रुपये लेकर आने को कहने लगे। न लाने पर परेशान करने लगे। बताया कि इसके चलते उसकी बहन कुछ दिनों तक उसके घर मायके में ही रही, लेकिन उसका पति उसे साथ ले गया और 24
जून 2013 को उसके पास गांव के ही किसी व्यक्ति का फोन आया कि उसकी बहन की हत्या कर दी गई है। सूचना पर जब वह बहन की ससुराल गया तो बहन को मृत पाया। इसके बाद उसने थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने भाई की तहरीर पर पति व ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। तभी से मामले की
सुनवाई अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में चल रही थी। गुरुवार को हुई मामले की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश मो. राशिद ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रामजीवन यादव की ओर से पेश की दलीलों व गवाहों को गंभीरता से लेते हुए मृतका के पति संदीप सिंह को दोषी करार देते हुए दस साल के सश्रम कारावास व 18 हजार का अर्थदंड लगाया है।
दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
बाइक व दो लाख की मांग पूरी न होने पर की थी पत्नी की हत्या
जून-2013 को अजगैन थानाक्षेत्र के मलांव गांव में हुई थी घटना