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नहीं सुुधरी सड़कों की हालत

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उन्नाव। जिले की खस्ताहाल सड़कों को गड्ढामुक्त करने की प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित की गई समयसीमा पूरी होने में मात्र एक दिन का समय ही बचा है।
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इसके बाद भी गांव से लेकर शहर तक की कई ऐसी सड़कें हैं जिनके गड्ढे अभी तक नहीं भरे जा सके हैं। लोग इन खस्ताहाल सड़कों पर सफर करने को मजबूर हैं। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाने में नहीं चूक रहे हैं।

बिछिया विकासखंड का सोनिक-नानाटीकुर वाया पिपरोसा संपर्क मार्ग करीब नौ किमी लंबा है। मुर्तजानगर नहर से करीब आधा किमी लखनऊ की ओर चलने पर बाएं हाथ का रास्ता सोनिक स्टेशन को जाता है। यह रास्ता नानाटीकुर ग्राम पंचायत में मिलता है।
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मौजूदा समय में सोनिक से दुर्गाखेड़ा तक खस्ताहाल मार्ग की मरम्मत और चौड़ीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है, लेकिन नानाटीकुर वाया पिपरोसा संपर्क मार्ग पर अधिकारियों की अभी निगाहें नहीं पड़ी हैं। यह मार्ग भी पूरी तरह से खस्ताहाल है।

इस मार्ग पर शहजादपुर, दुर्गाखेड़ा, पिपरोसा, सिंदुरिया, संभरखेड़ा, सधीरा समेत अन्य गांव पड़ते हैं। रोजाना इन गांवों के सैकड़ों लोग इसी मार्ग से ही उन्नाव शहर आते-जाते हैं। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो आज से करीब 20 से 25 साल पहले सोनिक-नानाटीकुर वाया पिपरोसा संपर्क मार्ग का डामरीकरण हुआ था।

विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के परियर से गंगातट, माना बंगला, बाबू बंगला, चंदी बंगला जाने वाली दो किमी लंबी सड़क इस समय गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। रोजाना इस रास्ते से भारी संख्या में लोग आवागमन करते हैं।

गांव के विनोद सविता, भोला, कलिका व रामनाथ ने बताया कई बार सड़क सही करने की मांग की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। रामआसरे निषाद, बेचेलाल व गंगाराम आदि ने बताया कि उन लोगों को योगी सरकार के आदेश पर भरोसा था कि 15 जून तक सड़क सही हो जाएगी, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं शुरू हुआ। जिससे सभी ग्रामीण बहुत निराश हैं।

शहर के बीएसए ऑफिस को जाने वाले मार्ग की मरम्मत के इंतजार में यहां आने वाले लोगों की आंखें पथराने लगी है। यह मार्ग भी खासा क्षतिग्रस्त है। कुछ दिन पूर्व इसकी मरम्मत की तब उम्मीद जगी थी, जब नगर पालिका की ओर से गिट्टी बिछाई गई थी।
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ठेकेदार गिट्टी बिछाकर आगे का काम करना भूल गया और इस सड़क की मरम्मत सपना बनकर रह गई। यह स्थिति तब है जब रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं। लेकिन इसके बाद भी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

-प्रदेश सरकार ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दिए थे आदेश
-गांव से लेकर शहर तक के लोग खस्ताहाल सड़कों पर सफर करने को मजबूर
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