बांदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बन रहे 311 आवासों को करीब 15 करोड़ से अधिक के बजट की दरकार है। छह साल से चल रहे काम में अभी तक 16222 यानी 70 फीसदी ही आवास ही तैयार हो सके हैं। 3213 आवासों अधूरे पड़े हैं। हालांकि इन आवासों का निर्माण कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ था।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। अगस्त 2023 तक जिले के नगरीय क्षेत्र बांदा, बबेरू, अतर्रा, नरैनी, बिसंडा, ओरन, कमासिन आदि में 20 हजार से अधिक गरीबों ने पीएम आवास के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन किए। जिसमें जांच के बाद 19435 लोग आवास के लिए पात्र पाए गए। जिन्हें प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार की धनराशि मुहैया कराई गई। छत स्तर तक मकान का निर्माण पूरा होने पर 18071 लोगों को द्वितीय व तृतीय किस्त का लाभ दिया गया। जिसमें अभी तक महज 16222 लोगों का ही मकानों का निर्माण पूरा हो सका। जिसमें अभी तक महज 3213 आवासों का अधूरे पड़े हैं।
जिले के 311 ऐसे लाभार्थी हैं जिन्हें आज तक प्रथम किस्त का लाभ भी नहीं मिला। इन्हें सरकार से उम्मीद है कि प्रथम किस्त मिले तो मकान का निर्माण शुरू कराया जाए।
केस-1
अभी नहीं मिली पहली किस्त
खाईपार की श्यामा का कहना है कि वह एक साल से दौड़ रही हैं, लेकिन उसे प्रथम किस्त का लाभ ही नहीं मिला। विभागीय अधिकारी यह कहकर चलता कर देते है कि शासन से सीधे खाते में किस्त आएगी।
केस-2
कब मिलेगी किस्त, पता नहीं
बिजली खेडा के राम किशोर का कहना है कि आवेदन किए डेढ़ साल हो रहे हैं। पात्रता की रिपोर्ट भी लगी है लेकिन प्रथम किस्त का लाभ नहीं मिला। पहले चुनाव का बहाना था। अब अधिकारी कुछ बता नहीं रहे है।
तीन किस्तों में दिया जाता है पैसा
पीएम आवास के लाभार्थियों के आवास निर्माण के लिए तीन किस्तों में पैसा दिया जाता है। प्रथम किस्त में 50 हजार व द्वितीय किस्त में डेढ़ लाख व तृतीय किस्त में 50 हजार दिए जाते हैं।
वर्जन...
311 लोग जो आवास के लाभ से वंचित रह गए हैं, वह महानगरों में कमाने जाते हैं। इनकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई बता नहीं चला। वहां से आने के बाद गलत आरोप लगाते है।-राकेश जैन, प्रभारी परियोजना अधिकारी, डूडा (बांदा)