कानपुर। वित्तीय अनियमितता पर रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) कानपुर की ओर से कानपुर कपड़ा कमेटी के निदेशकों और पूर्व निदेशकों को आए नोटिस के बाद से कमेटी में विवाद बढ़ता जा रहा है। तीन साल पहले हुए कमेटी के शताब्दी समारोह के खर्च पर नए-नए सवाल खड़े हो रहे हैं। समारोह में मुख्य अतिथि और पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा पर ही हजारों रुपये खर्च किया गया। 40 हजार रुपये की सिक्योरिटी और 15 हजार बाउंसर का भी खर्च दिखाया गया है जबकि पूर्व राष्ट्रपति को शासन और जिला प्रशासन से ही पूरी सुरक्षा मिलती है।
35 हजार का डीजल और दिल्ली जाने पर हजारों रुपये खर्च किए गए। खास बात यह है कि कपड़ा कमेटी आरओसी में पंजीकृत थी। इसके बाद भी नकद भुगतान किया गया। कमेटी को भी इसकी जानकारी तत्कालीन पदाधिकारियों ने महीनों तक नहीं दी। कमेटी के निदेशक और सागरी ग्रुप के संचालक रुमित सिंह सागरी ने बताया कि समारोह के नाम पर लाखों रुपये की गड़बड़ी की गई है। मुख्य अतिथि को दिल्ली आमंत्रित करने जाने के लिए गिफ्ट और मिठाई पर क्रमश: 31390, 4000 और 2300 रुपये खर्च किया गया।
40598 रुपये दुपट्टा में खर्च दिया गया जिसमें 32 हजार रुपये केवल प्रिंटिंग के खर्च दिखाए गए। 30 हजार रुपये बाजार में स्वागत द्वार पर खर्च दिखाया गया जबकि कार्यक्रम मर्चेंट चैंबर सभागार में किया गया था। 13 हजार के झंडे बाजार में लगवाए जाना दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि कमेटी आरओसी में धारा 8 के तहत पंजीकृत है यानी नो प्राफिट नो लॉस। इसके बाद भी पांच लाख रुपये दान लेना और बाद में वापस करना दिखाया गया। नियमों को दरकिनार करके पैसे खर्च किए गए। नियम यह है कि 5000 से अधिक के नकद खर्च में कमेटी की मंजूरी जरूरी है। इसका भी पालन नहीं हुआ।
बताया गया कि जून 2023 में शताब्दी समारोह हुआ था और खर्च का ब्योरा दिसंबर 2023 तक नहीं दिया गया। कमेटी के शताब्दी वर्ष समारोह में हुए खर्च को लेकर कोषाध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया था। आरोप लगाया था कि काम के लिए कोटेशन तक नहीं मंगवाए गए। बाद में कमेटी के पूर्व पांच पदाधिकारियों ने बैठक की थी। इसमें कोषाध्यक्ष भी शामिल हुए थे जबकि वे इस्तीफा दे चुके थे। इसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष रुमित सिंह सागराी, निदेशक वीरेंद्र गुलाटी और राकेश कपूर को भी बुलाया नहीं गया था। केवल पांच लोगों ने 30 लाख रुपये के आय व्यय को बिना सदन में पास किए भुगतान कर दिया। छह महीने के ऑफिस खर्च का भी विवाद हुआ था।
कानपुर कपड़ा कमेटी के पूर्व प्रधान सचिव नवीन निवेटिया के भाई ज्योति निवेटिया ने एक पत्र कानपुर कपड़ा कमेटी के चुनाव बोर्ड को भेजा है। यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसकी पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। पत्र में हाल ही में हुए कानपुर कपड़ा कमेटी के चुनाव को रद्द करने की मांग उठाई है। मुख्य चुनाव अधिकारी सत्यनारायण सिंहानिया का कहना है कि उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। चुनाव कैसे रद्द किया जा सकता है जबकि सभी सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं।