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UP: विदेश भेजने का झांसा देकर 28 के पासपोर्ट हड़पे, अपार्टमेंट में खोला था कार्यालय…9 लाख भी ठगे, रिपोर्ट दर्ज

Tue, 01 Apr 2025 12:12 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पीड़ित ने बताया कि आईएक्सआईएक्सजीओ एप का एक टिकट दिल्ली से मुंबई और मुंबई से कुवैत का सभी के पास पहुंचा था। सभी युवक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। 27 मार्च को वो लोग कानपुर पहुंचे, तो फर्म के ऑफिस में ताला पड़ा था और बोर्ड भी हटा लिया गया था।
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पासपोर्ट (सांकेतिक) - फोटो : iStock
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विस्तार
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कानपुर में एक ओर चकेरी निवासी युवक को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे जाने के मामले का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया। वहीं, दूसरी ओर स्वरूपनगर में जालसाजों ने 28 लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके पासपोर्ट और नौ लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि जालसाजों ने विदेश भेजने के नाम पर उनसे फार्म भरवाया। इसके बाद फर्जी वीजा और टिकट देकर दिल्ली फ्लाइट पकड़ने भेज दिए। पीड़ितों ने मामले में जालसाजों के खिलाफ स्वरूपनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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मूलरूप से बलिया के हुसैनाबाद बस्ती निवासी अशोक कुमार यादव पटना के स्टील प्लांट में काम करते थे। 1 फरवरी को प्लांट में पंपलेट मिला जिसमें कानपुर खैराबाद अस्पताल के पास एसएमएस इंटरनेशनल नाम की फर्म का पता दिया हुआ था। पंपलेट में लिखा था कि कुवैत में बहुत सारी नौकरियां हैं करने के इच्छुक हो तो अरुण पंडित और अरुण तोमर से संपर्क करें।  झांसे में आए अशोक छुट्टी लेकर शहर पहुंचे और फर्म में संपर्क किया। उनकी मुलाकात 28 अन्य लोगों से हुई।

कुवैत का वर्किंग वीजा पहुंच गया
वहां मौजूद फर्म के कर्मचारियों ने दस्तावेज सत्यापन, वीजा आदि में प्रति व्यक्ति करीब 30 हजार रुपये खर्च बताया। हामी भरने पर फर्म के मालिकों ने अपने कर्मचारी सागर के जरिए एक एग्रीमेंट कराते हुए रुपये जमा करा लिए गए। कुछ दिन बाद सभी के पास कुवैत का वर्किंग वीजा पहुंच गया। साथ ही यह बताया गया कि 17 मार्च को दिल्ली से उनकी फ्लाइट है। इसके लिए आईएक्सआईएक्सजीओ एप का एक टिकट दिल्ली से मुंबई और मुंबई से कुवैत का सभी के पास पहुंच गया।

फर्म के ऑफिस में पड़ा था ताला
सभी युवक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। 27 मार्च को वो लोग कानपुर पहुंचे तो फर्म के ऑफिस में ताला पड़ा था और बोर्ड भी हटा लिया गया था। शिकायत पर स्वरूपनगर थाने पहुंचकर पीड़ितों ने एफआईआर दर्ज कराई। इंस्पेक्टर स्वरूप नगर सूर्यबली पाण्डेय ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। एक नामजद सागर से पूछताछ की गई थी मगर उसने कुछ बताया नहीं है। उससे दोबारा पूछताछ की जाएगी।

हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया तब खुली घटना
अशोक के मुताबिक सभी लोग दिल्ली पहुंच गए। अशोक ने बताया कि पता नहीं उसे क्या सूझा उसने आईएक्सआईएक्सजीओ के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया और उन्हें टिकट नंबर आदि बता कर पूछा कि यह कनफर्म टिकट है कि नहीं। इस पर कस्टमर केयर से पता चला कि टिकट कनफर्म नहीं है। वेबसाइट पर देखा] तो बुकिंग भी शो नहीं कर रही थी। तब पता चला कि फर्जी टिकट और वीजा भी फर्जी था। आरोप है कि जब उसने फर्म मालिक से बात की गई तो उसने कहा कि 25 मार्च को दिल्ली में मिलेंगे मगर पता नहीं बताया। अशोक के मुताबिक सभी लोग इंतजार करते रहे मगर मालिक नहीं आया।
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ये हुए ठगी के शिकार
अशोक के अलावा दिलीप कुमार यादव, संतोष, दिलीप राम, गोरख यादव, राजू, मुन्ना कुमार, राजन यादव, राहुल यादव, राम निवास, कयामनुद्दीन, पप्पू कुमार, सुभान अंसारी, महबूब आलम, हरेन्द्र महतो, अनुज कुमार, सूरज गौड़, अलताफ राजा, अमृत पाल, सुग्रीव यादव, भगवत पासवान, केशव सिंह, सखी चन्द्र यादव, कन्हैया कुमार चौरसिया, बिट्टू कुमार और अजीज ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। अशोक के मुताबिक इसमें से कोई बिहार का है कोई झारखंड तो कोई बंगाल का है।
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