समाजवादी पेंशन योजना में पेंशन पाने वाले 20 हजार लाभार्थियों की पहली सत्यापन रिपोर्ट में 2770 अपात्र पाए गए हैं। यह सत्यापन जिले के पांच सौ से अधिक गांवों में किया गया, जिसमें औसतन प्रत्येक गांव में पांच अपात्रों के पेंशन लेने की बात सामने आई है। इन अपात्रों के खाते में अब तक 1.66 करोड़ से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है, जिसे खातों से निकाल भी लिया गया है। अभी 60 हजार से अधिक पेंशनर्स का सत्यापन होना बाकी है।
अखिलेश सरकार की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना (समाजवादी पेंशन) के शुरू होने से लेकर अभी तक इसमें कई बार घपला उजागर हो चुका है। यह पहली ऐसी योजना है, जिसमें लाभार्थियों के चयन से लेकर अभी तक तीन बार सत्यापन किया जा चुका है। शक के आधार पर 15 दिन पहले चौथी बार सत्यापन का कार्य फिर शुरू किया गया, जिसकी पहली रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी के पास पहुंच गई है। पता चला है कि जनपद के 554 ग्राम सभाओं में पेशन पाने वाले 20 हजार लाभार्थियों में 2770 लोग अपात्र पाए गए हैं। इन सभी के खाते में एक साल की पेंशन (छह हजार रुपये) के हिसाब से एक करोड़ 66 लाख 20 हजार रुपये भेजा जा चुका है। मुख्य विकास अधिकारी शंभू कुमार का कहना है कि इन सभी अपात्रों को रिकवरी नोटिस भेजी जाएगी। साथ ही पेंशन मिलने से पहले ऐसे लोगों का सत्यापन करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अभी सत्यापन का काम चल रहा है।
प्रधान के कुनबे से अभी तक नहीं हुई रिकवरी
शिवराजपुर ब्लॉक के ग्राम नदीहा बुजुर्ग के प्रधान के पुरे कुनबे के साथ, गांव के 43 अपात्रों के पेंशन लेने के मामले में अभी तक कोई रिकवरी नहीं हो पाई है। अमर उजाला ने जिस दिन घपले को उजागर किया था, उसके दूसरे दिन ही तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी अजीत सिंह ने प्रधान और उसके पूरे परिवार को पेंशन राशि लौटाने का नोटिस जारी किया था, साथ ही स्थानीय एडीओ को भी निर्देश दिया गया था। दो सप्ताह पूरे होने के बाद, अभी तक राशि वापस नहीं की गई।
बयान...
ग्रामीण क्षेत्रों में समाजवादी पेंशन की सत्यापन रिपोर्ट से पता चला है कि जिले के प्रत्येक गांव में औसतन पांच अपात्र पेंशन ले रहे हैं। पूरी रिपोर्ट कुछ ही दिनों में आ जाएगी, इसके बाद सभी अपात्रों को रिकवरी का नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही इस मामले में दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। नदीहा बुजुर्ग के ग्राम प्रधान को अभी तक धन वापस नहीं करने पर तलब किया गया है।
- शंभू कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
-यह बड़ा मामला है, अपराध की श्रेणी में आता है। अभी सत्यापन रिपोर्ट जिला स्तर पर है। जैसे ही रिपोर्ट निदेशालय आती है, दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ गलत तरीके से पेंशन लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सूचना मिली थी कि प्रदेश में ऐसे काफी लोग हैं, जो गलत तरीके से समाजवादी पेंशन ले रहे हैं, इसी वजह से नए सिरे से सत्यापन कराया जा रहा है।
--जी राम, निदेशक समाज कल्याण विभाग
-हमने इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखा है। यह काफी कुछ ग्राम प्रधानों के इशारे पर हुआ है। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानों को ही समाजवादी पेंशन का आवेदन वितरित कराने और पात्रों को लाभ दिलाने का जिम्मा सौँपा गया था, इसमें अधिकारियों की भी मिली भगत साफ जाहिर हो रही है। मुख्यमंत्री ने इनके खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
--मुनींद्र शुक्ला, विधायक सपा बिठूर क्षेत्र