कानपुर देहात। होली पर मिलावटी खाद्य पदार्थ के खिलाफ अभियान केवल दूध, तेल, खोया व मिठाई तक सीमित रहने का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया। इसके बाद शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रनियां में दो दुकानों में छापा मारकर 26 किलो रंगीन कचरी नष्ट कराई गई। दो नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए।
होली पर चलाए गए अभियान में शुक्रवार तक 27 नमूने भरे गए। इसमें दूध, तेल, खोया, मिठाई के नमूने शामिल हैं। रंगीन कचरी की तीन फैक्टरियां संचालित होने और बाजार में बिक्री के लिए दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक के बाद भी रंगीन कचरी के नमूने नहीं लिए गए। जबकि बीते साल लिए गए लिए गए रंगीन कचरी के चार नमूनों में तीन फेल हो गए थे। इधर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से अभियान में पनीर का केवल एक नमूना ही लिया गया जबकि पनीर में मिलावट आम है।
जिले में करीब 100 से अधिक निजी डेयरी संचालित हैं। यहां पनीर, दूध, दही, मट्ठा व घी की बिक्री की जाती है। खुले उत्पादों के चलते मिलावट की आशंका रहती है। वहीं नमकीन, मैदा-बेसन, गुझिया-चटनी आदि के नमूने भी नहीं लिए गए। छह टीमें सक्रिय होने के बाद भी बीते साल की तुलना में कम नमूने लिए जाने और कचरी आदि के नमूने लेने पर ध्यान नहीं होने का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। इसपर उच्चाधिकारियों ने सहायक आयुक्त खाद्य को आवश्यक निर्देश दिए और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ सिंह ने शनिवार को रनियां में पामा रोड किनारे स्थित शिवम गुप्ता की किराना दुकान में छापेमारी कर खाने योग्य न होने पर 26 किलो रंगीन कचरी (1300 रुपये कीमत) नष्ट कराई। जबकि रंगीन कचरी का एक नमूना भरा। वहीं मोहम्मद आरिफ की किराना दुकान से रंगीन कचरी का एक नमूना लिया। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय रामअवतार सिंह ने बताया कि शनिवार को अभियान में रंगीन कचरी के दो नमूने लिए गए हैं। खाने योग्य न होने पर कचरी का स्टॉक नष्ट भी कराया गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।