15 दिन पहले महाराष्ट्र से प्रतापगढ़ के लिए चले थे 25 मजदूर
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लाॅकडाउन के दौरान घर पहुंचने की चाह में महाराष्ट्र से पैदल निकले 25 मजदूरों ने साथ चल रहे 8 मासूम बच्चों का भी हौसला टूटने नहीं दिया। पैर में छाले देख कभी उन्हें गोद में उठाया तो कभी कंधे पर बैठा आगे बढ़ते रहे। पुलिस के डर से कोसों खेत और जंगल में भी चले।
भूख-प्यास मिटाने में लोगों ने मदद भी की। 15 दिन में 1252 किमी का सफर तय कर सभी शनिवार को उन्नाव के पास ललऊखेड़ा गांव पहुंचे। यहां एक गेस्ट हाउस संचालक ने सभी को खाना खिलाया, दवा दिलाई और खुद के खर्च पर लोडर से भेजा।
प्रतापगढ़ के ब्लॉक आसपुर के प्रतापपुरा गांव निवासी गुरुदीन, रानी कमला, सुरेश, अरविंद समेत लगभग 25 लोग एक साल से महाराष्ट्र के भिवंडी जिले में बच्चों के साथ रहकर एक कपड़ा फैक्टरी में काम कर रहे थे। 25 मार्च को लॉकडाउन होने से फैक्टरी बंद हो गई।