इटावा। 25 बीघा जमीन के मालिक हैं। पक्का मकान है, कार से चलते हैं, फिर भी जिले के साढ़े 16 हजार लोग गरीबों का राशन डकार रहे हैं। राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी होने के बाद यह बातें शासन के सामने आई है। शासन ने अपात्रों की सूची भेजी है। अब विभागीय अधिकारियों ने स्थलीय सत्यापन कराना शुरू कर दिया है। जल्द ही इन सभी के राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
जनपद में 2,92,124 राशनकार्ड धारक हैं। इन राशनकार्डों में 11,28,020 यूनिट दर्ज है। इनमें से अंत्योदय कार्ड धारक 46,082 और पात्र गृहस्थी कार्डधारक की संख्या 2,46,042 है। एक साल से सभी राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी व बायोमीट्रिक सत्यापन चल रहा है। अब तक लगभग 85 फीसदी यूनिटों का ई-केवाईसी का काम पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी प्रक्रिया होने के बाद अब शासन की ओर से अपात्र लोगों की सूची प्रदेश के सभी जिलों को भेजी गई है। इसमें मानक से अधिक वार्षिक आय, अधिक जमीन, मोटर वाहन सहित अन्य दायरों में आने वाले लगभग 16,500 लोगों की नाम शामिल हैं। अब विभाग की ओर से इनका अंतिम सत्यापन कराया जाएगा और अपात्र मिलने पर राशन कार्ड सूची से नाम हटाया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में ये लोग होते हैं पात्र
आवासहीन परिवार, ऐसे परिवार जिनके कच्चे घर हों, निराश्रित महिला, मानसिक रूप से बीमार, परिवार के सभी सदस्यों की वार्षिक आय तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। एसी, चार पहिया वाहन, पांच केवी का जेनरेटर नहीं होना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्र में ये लोग होते हैं पात्र
भूमिहीन मजदूरों के परिवार, ऐसा परिवार जिनकी मुखिया निराश्रित हो, कच्चा घर, परिवार के सभी सदस्यों की वार्षिक आय दो लाख से कम हो, एसी, चार पहिया वाहन, पांच केवी का जेनरेटर नहीं होना चाहिए।
छह महीने से 3500 लोग नहीं ले रहे राशन
जनपद में 3500 उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने बीते छह माह से राशन नहीं लिया है। पांच उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बीते एक वर्ष से राशन नहीं लिया है। अब विभाग इन लोगों की भी जांच कर रहा है कि आखिर इन लोगों ने इतने महीने से राशन क्यों नहीं लिया है। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश ऐसे लोग हैं, जो मृत हो चुके हैं या जिला छोड़ चुके हैं।