कानपुर देहात। फर्जी तरीके से जमीन हड़पने और अवैध प्लाटिंग के मामले में प्रशासन सख्त है। अकबरपुर तहसील के विसायकपुर में फर्जी पट्टा से हड़पी गई 150 करोड़ की 225 बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं हो सकेगी। इसी तरह अभिलेख में हेराफेरी कर हड़पी गई धरऊ की 50 करोड़ रुपये की 17 बीघा 11 बिस्वा जमीन को भी न तो बंधक रखा जा सकेगा, न ही उसके स्वरूप में कोई बदलाव किया जा सकेगा। इनकी खतौनी पर रोक का आदेश दर्ज कर दिया गया है।
विसायकपुर में 200 से अधिक लोगों के नाम 225 बीघा कृषि भूमि का पट्टा खतौनी में दर्ज था। शिकायत पर हुई जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़ा करके नाम दर्ज कराए गए हैं। अभिलेखागार में पट्टा आवंटन पत्रावली उपलब्ध नहीं है। वहीं आर-6 पंजिका में पट्टा आदेश अंकन नहीं है। यह जमीन करीब 150 करोड़ रुपये की है।
वहीं, मामी मुख्यालय के करीब धरऊ में प्लॉटिंग कर जमीन बिक्री की तैयारी थी। इसी बीच शिकायत पर जांच की गई तो 17 बीघा 11 बिस्वा जमीन सरकारी पाई गई। अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर जमीन हथियाने का खुलासा होने पर दोनों प्रकरणों में एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल कर सुनवाई शुरू की गई है। इधर, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आदेश दिया है कि विवादित जमीन पर निर्माण, बिक्री, बंधक और स्वरूप परिवर्तन की कार्यवाही न हो, इसके लिए रोक का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर जारी परवाना के अनुसार रोक आदेश को खतौनी में दर्ज कर दिया गया है।
...............
धरऊ की 10 गाटे की भूमि की खतौनी और विसायकपुर में 120 खातों की जमीन की खतौनी में रोक का आदेश दर्ज किया गया है। कोर्ट में सुनवाई पूरी होने व अंतिम आदेश आने पर फर्जीवाड़ा कर हथियाई गई जमीनों को बंधक, बिक्री या स्वरूप परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। किसी प्रकार के निर्माण आदि से भी रोका गया है।
- अवनीश कुमार सिंह, एसडीएम अकबरपुर
...................
शासन की योजनाओं में आवंटित होगी जमीन
विसायकपुर व धरऊ की इन जमीनों के ग्राम सभा में दर्ज होने पर शासन की योजनाओं के लिए जरूरी जमीन मिल सकेगी। एसडीएम अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि अकबरपुर सदर तहसील है। सरकारी योजनाओं के लिए जमीनों की मांग होती रहती है। ग्राम सभा में जमीन वापस होने से सरकारी योजनाओं व विभागों को जमीन आवंटन हो सकेगा।