स्कूली छात्रों की ड्रेस सिलती समूह की महिलाएं।
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कानपुर देहात। आत्मनिर्भर भारत योजना को मूर्त रूप देने के लिए जिले में सीडीओ के निर्देश पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। मिशन की महिला सदस्यों को परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले 23 हजार 500 छात्रों की ड्रेस की सिलाई की जिम्मेदारी दी गई है। इससे महिलाओं को लाभ मिलेगा।
सीडीओ जोगिंदर सिंह के निर्देश पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अलग-अलग ब्लॉकों में महिला समूहों का गठन किया गया है। अब इन महिलाओं को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत जोड़ा गया है। महिलाओं को मास्क, परिषदीय विद्यालयों के छात्रों की ड्रेस सिलाई, मिट्टी की मूर्तियां आदि बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर आर्थिक रूप से समृद्ध करने पर जोर दिया जा रहा है। ड्रेस की सिलाई के लिए महिलाओं को प्रति ड्रेस 115 रुपये दिया जाएगा। 23 हजार 500 ड्रेस बनाने पर समूह की महिलाओं को 27 लाख दो हजार पांच रुपये दिए जाएंगे। सीडीओ जोगिंदर सिंह ने बताया कि जिले में समूह की महिलाओं को लगातार आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत जोड़कर सशक्त किया जा रहा है।