आईआईटी कानपुर में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में सीनेट ने आरोपी सभी 22 छात्रों को अगली सुनवाई तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। तब तक आरोपी छात्रों को हॉस्टल से भी बेदखल किया जाएगा। गुरुवार देर रात तक चली बैठक में ये फैसले लिए गए। सस्पेंड किए गए सभी आरोपी छात्र सेकेंड ईयर के स्टूडेंट हैं। अब इन्हें अक्तूबर में किसी एक दिन अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
सुनवाई के बाद मामले की जांच कर रही सीनेट स्टूडेंट्स अफेयर्स कमेटी (सैक) फिर से अपना रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसपर दोबारा नवंबर माह में होने वाली सीनेट की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। सीनेट ने स्टूडेंट जिमखाना के प्रेसिडेंट रितुज जुगाड़े को भी उनके पद से हटाने का फैसला सुनाया है। सीनेट ने सैक की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए जुगाड़े पर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने और किसी भी समिति में सदस्य बनने पर रोक लगाने का भी आदेश दिया है।
रैगिंग में शामिल पूर्व छात्र निखिल कुरेले को भी कैंपस से बाहर करने का निर्णय लिया गया है। रजिस्ट्रार केके तिवारी ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि रैगिंग के आरोपी 22 छात्रों को अगली सुनवाई के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इन्हें दोबारा अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद अगली सीनेट में इसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
नहीं दर्ज होगी एफआईआर
सीनेट ने फिलहाल आरोपी छात्रों पर विधिक कार्रवाई न करने का फैसला लिया है। इसको लेकर सीनेट में काफी बहस हुई। कई सीनेटर्स आरोपी छात्रों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे थे तो कई इसके खिलाफ थे। कुछ प्रोफेसरों का तर्क था कि एफआईआर करने से पीड़ित छात्र भी लाइट में आ जाएंगे इससे उन्हें आगे नुकसान होगा इसलिए आरोपियों पर सीनेट ही कड़ी कार्रवाई करे। जिसे बाद में सभी सीनेटर्स ने एक स्वर में मान लिया।
ऐतिहासिक रही सीनेट की 500वीं बैठक
आईआईटी में गुरुवार को हुई सीनेट की बैठक ऐतिहासिक रही। सीनेट की यह 500वीं बैठक थी। इसको लेकर शुरू में डायरेक्टर ने सभी को शुभकामनाएं दीं। बोले, आईआईटी के इतिहास में यह बैठक दर्ज होगी। खास बात है कि आईआईटी सीनेट की यह पहली बैठक है जिसमें पूरे 100 सदस्य मौजूद रहे। इसके पहले जितनी भी बैठकें होती थीं उनमें बमुश्किल पचास सदस्य ही उपस्थिति हो पाते थे।