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Kanpur News: 80 लाख खर्च नहीं कर सकी 22 ग्राम पंचायतें, नोटिस जारी

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इटावा। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर एक माह का समय बचा है। वही, ग्राम पंचायतों को केंद्र व राज्य वित्त आयोग से विकास कार्यों के लिए मिलने वाली लगभग 80 लाख रुपये की धनराशि 22 ग्राम पंचायतें खर्च नहीं कर सकी है। इससे गांवों में विकास का पहिया थम सा गया है। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में 16 सचिवों की लापरवाही उजागर हुई तो डीपीआरओ ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें तीन दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
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जिले के आठ ब्लाकों की 471 ग्राम पंचायतों में 22 ग्राम पंचायतों में विकास का पहिया थमा है। इसकी मुख्य यह है कि केंद्र व राज्य वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य को मिली लगभग 80 लाख रुपये की धनराशि डंप पड़ी है। जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह दो दिन पहले विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इसमें जिले की 22 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों में छात्र-छात्राओं के शौचालय अपूर्ण, शौचालय में टाइल्स का काम अधूरा, नाली, सीमेंट सड़क का आदि का कार्य अपूर्ण है। डीपीआरओ ने लापरवाही मिलने पर 16 सचिवों को कारण बताओ नोटिस दिया है। इसमें उनसे तीन दिन में जवाब मांगा गया है। साथ ही मार्च तक अधूरे कार्यों को हर हाल में पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए है।



इन सचिवों पर की गई कार्रवाई



भानू प्रताप सिंह, राहुल श्रीवास्तव, लक्ष्मी भदौरिया, अशोक कुमार, सुंशात कुमार, महेंद्र कुमार, अर्चना यादव, अखिलेश कुमार, जितेंद्र कुमार, अवनीश यादव, नीलेश कुमार, अलोक कुमार, पूरन सिंह, अरविंद कुमार, अनुष्का दुबे व शिववीर सिंह सेंगर।
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इन ग्राम पंचायतों में बंद पड़े काम

ब्लाॅक बढ़पुरा के जीजा, इसी ब्लाॅक के कामेत, कुनैरा, बढ़पुरा, पछगांव।



ब्लाॅक भरथना के मोढ़ी, बिरोब्बी, ऊबरसेंडा, बिरारी, पाली खुर्द, कुतुबपुर।

ब्लाॅक चकरनगर के महुआ सूंडा, गढ़ा कास्पा, हरौली बहादुरपुर, चकरनगर, ददरा चांदई, गौहनी।



ब्लाॅक महेवा के कीरतपुर, वीरपुर, सलेमपुर व चरिया बुजुर्ग।

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जिले की जिन ग्राम पंचायतों में काम बंद या अपूर्ण हैं। वहां के सचिवों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। सभी से तीन दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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-बनवारी सिंह, डीपीआरओ
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