बरौर(कानपुर देहात)। विकासखंड मलासा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मिड-डे-मील में शनिवार को मरी हुई छिपकली निकली। भोजन करने के बाद विद्यालयों के छह बच्चे बीमार हो गए। उनको लगातार उल्टियां होने से हालत बिगड़ गई। जिलाधिकारी को सूचना देने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम ने बीमार बच्चों को पीएचसी में भर्ती कराया और निगरानी रखी। एसडीएम को देखते ही परिवारीजन हंगामा करने लगे। अस्पताल में चार बच्चों को उल्टियां कराकर तत्काल छुट्टी कर दी गई जबकि दो गंभीर बच्चों को शाम को डिस्चार्ज किया गया।
शनिवार को विकासखंड मलासा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय डुड़ियामऊ में बच्चों के लिए सब्जी और चावल दोपहर का पका पकाया भोजन बना था। प्राथमिक विद्यालय में कुल पंजीकृत 58 में 24 और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 54 में से 36 विद्यार्थियों के लिए रसोइया रानीदेवी, सुदामा और रामप्यारी ने संयुक्त रूप से भोजन बनाया था। रसोइयों ने बताया कि सब्जी और चावल की अच्छे से सफाई करने के बाद भोजन पकाया गया था। खाना पकाने के बाद शिक्षामित्र कुलदीप कुमार को सबसे पहले परोसा गया था। उन्होंने दो बच्चों के साथ खाना खाया था। थोड़ी ही देर में बच्चों को खाने में छिपकली के अंश दिखाई दिए। उसी समय बच्चों को उल्टियां होने लगी। खाना खाने से विद्यार्थी अक्षय कुमार और निशांत की हालत खराब हो गई। शिक्षामित्र ने दोनों बच्चों को बरौर के निजी चिकित्सक को दिखाया। बाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरौर में भर्ती कराया। उधर, ग्रामीणों की सूचना पर जिलाधिकारी ने एसडीएम अकबरपुर आनंद सिंह को मौके पर भेजा। एसडीएम को देखते ही परिवारीजन हंगामा करने लगे। एसडीएम ने सभी को शांत कराया और डुड़ियामऊ निवासी छात्र अमर सिंह के पुत्र निशांत (11), सोनू शुक्ला के पुत्र हर्ष (12), राजेश कुमार के पुत्र अमन (11), रामविलास के पुत्र अंकित (12) और शिवगोपाल के पुत्र अक्षय (13) और श्रीप्रकाश की पुत्री अंकिता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। हंगामा न हो इसलिए अस्पताल में पुलिस बल तैनात रहा।
शिक्षामित्र ने बताया कि छिपकली की सूचना मिलने पर उनको भी उल्टियां हुईं। बेसिक शिक्षा अधिकारी संगीता सिंह ने रसोइयाें व प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई करने की बात कही। उप जिलाअधिकारी अकबरपुर ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से सूचना मिली। डॉ शशि थोड़ी-थोड़ी देर में जायजा लेती रहीं। डिप्टी सीएमओ आनंद प्रकाश वर्मा ने बताया कि केवल 2 छात्रों को ड्रिप लगाई गई। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद सभी बच्चों को उनके घरों पर पहुंचाया गया। तहसीलदार भोगनीपुर लालसिंह, बीईओ अरुणोदय सचान मौजूद रहे। एमओआईसी डॉ विकास ने बताया कि रेफर करने के लिए मौके पर 108 एंबुलेंस मौजूद रही।