घाटमपुर (कानपुर)। यमुनापट्टी में बन रहे 1980 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट में रामगंगा नहर बिधनू से पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए कानपुर-सागर राजमार्ग (एनएच 86) के समानांतर 1100 मिमी व्यास की दो पाइप लाइनें बिछाई जानी हैं। बता दें कि पाइप लाइन के रास्ते में 1199 पेड़ पड़ रहे हैं। जिनको हटाने के लिए बीते दिनों नेयवेली ने वन विभाग को पत्र लिखकर उनका सर्वेक्षण करवाने की अपील की थी।
वन विभाग के डिप्टी रेंजर अरुण कुमार अवस्थी ने बताया कि वन विभाग और एनयूपीपीएल की संयुक्त टीम ने बिधनू से लेकर पावर प्लांट एरिया तक पाइप लाइन बिछाई जानी है। उसका सर्वेक्षण करने के बाद संयुक्त रिपोर्ट बनाई है। जिसमें किलोमीटर 30 से लेकर 61 तक कुल (32 किलोमीटर) के इलाके में 1199 पेड़ काटे जाने हैं। जबकि, 1428 ब्रिक गार्ड भी हटेंगे। बताया कि मार्ग पर पड़ने वाले पेड़ों का मूल्यांकन और ब्रिक गार्डों की क्षतिपूर्ति के लिए संयुक्त रिपोर्ट बनाकर संबंधित विभाग को सौंपी गई है। निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में सहायक प्रबंधक आईआर रामनाथ मिश्रा सर्वेक्षण कार्य में टीम के साथ मौजूद रहे।
पॉवर प्लांट के सहायक प्रबंधक रामनाथ मिश्रा ने बताया कि कोयला आधारित पावर प्लांट की इकाई संचालित करने के लिए बिधनू नहर के माध्यम से पानी प्लांट में लिया जाना है। जिसके तहत पाइप लाइन बिछाई जानी है। बताया कि पाइप लाइन कानपुर-सागर राजमार्ग के समानांतर पड़नी है। बताया कि पाइपों की खेप आ चुकी है, जल्द ही उनके डालने के लिए खोदाई का काम भी शुरू होने वाला है।