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लूट की फर्जी कहानी गढ़ने में 13 पुलिस कर्मी फंसे

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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती की न्यायाधीश इंदू द्विवेदी ने एक महिला की अर्जी पर सुनवाई के बाद स्वाट टीम प्रभारी संजय राय, मेरापुर थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार और 11 अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज करने का आदेश एसपी को दिया है। साथ ही मामले की जांच इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी से कराने को कहा है।
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मेरापुर थाने के गांव ब्रह्मपुर की शारदा देवी ने अदालत में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि ये पुलिस वाले 21 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे बिना वर्दी के उसके घर में घुस आए। बेटे ध्रुव पर लूट का आरोप लगाकर घर में तोड़फोड़ की। अलमारी का ताला तोड़कर ब्याहता बेटी सुनैना देवी के सोने-चांदी के जेवरात, एक मोबाइल, 50

हजार रुपये लूट लिए। ध्रुव को गाड़ी में डाल कर थाने ले गए। विरोध करने पर परिवार वालों को पीटा। उसके सूचना देने पर आई यूपी 100 पुलिस लिखापढ़ी कर लौट गई। उधर पुलिस ने उसके बेटे ध्रुव के पैर में गोली मारी और उसके खिलाफ चोरी व लूट की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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उसने 22 फरवरी को डीएम मोनिका सिंह व एसपी मृगेंद्र सिंह से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी तरफ उपनिरीक्षक डीपी गौतम ने कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में बताया कि 21 फरवरी की रात 9:05 बजे थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार, स्वाट टीम प्रभारी संजय सिंह राय पुलिस बल के

साथ गश्त कर रहे थे। गनेशपुर- पिलखना रोड पर बाइक सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया तो उन्होंने फायरिंग कर दी, जिसमें सिपाही श्रीचंद्र घायल हो गया। जवाबी फायरिंग में ध्रुव सिंह घायल हुआ तो उसे दबोच लिया गया। उसका साथी भाग निकला। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि कोर्ट ने जो आदेश दिया है, उसके अनुसार रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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लूट में फंसे स्वाट टीम प्रभारी व मेरापुर एसओ
क्रासर-
11 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी दर्ज होगी रिपोर्ट
फर्रुखाबाद की महिला की अर्जी पर अदालत ने दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
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