अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज।
नवरात्र के तीसरे दिन शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्ताें की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने कतार लगकर माता फूलमती, मां सिंह वाहिनी, मां छेमकली, मकरंदनगर स्थित मां काली देवी व सरायमीरा के माता काली देवी दुर्गा मंदिर में दर्शन किए। शाम की महाआरती के संपन्न होने तक दर्शन कर आशीष मांगा। शहर के सभी मंदिरों में साफ-सफाई के विशेष इंतजाम रखे गए।
वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला ने बताया कि सिर पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र, दस भुजाएं, तीन आंखें कुछ ऐसी ही मुद्रा में माता अपने भक्तों को आशीष प्रदान करती है। कहा कि मां चंद्रघंटा के इस स्वरूप की पूजा करने वाले भक्त के घर में और मन में शांति का वास होता है। कहा कि माता का यह रूप दानव, दैत्य, राक्षसों को कंपाने वाला व माता की प्रचंड ध्वनि उनकी हिम्मत को तोड़ने वाली होती है।
मां कूष्मांडा को चढ़ाएं लाल फूल
कन्नौज। मां कूष्मांडा की पूजा से प्राणी सभी वायुविकार दोषों से मुक्त हो जाता है। भक्ताें के समस्त रोग-शोक स्वत: नष्ट हो जाते हैं। वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला ने बताया कि मां के पूजन से दैहिक, दैविक व भौतिक त्रिविध तापों से मुक्त होता है। श्रीआचार्य ने बताया कि भगवती के नौ स्वरूपों में चौथा स्वरूप मां कूष्मांडा का है। आचार्य ने कहा कि माता की पूजा में भक्तों को लाल गुलाब के फूल अर्पित करने चाहिए।
खूब बजे घंटा-घड़ियाल, मां चंद्रघंटा की हुई वंदना
-भक्ताें ने मां से मांगा आशीष, मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी
-शहर के सभी मंदिरों में साफ-सफाई के रहे विशेष इंतजाम