कानपुर देहात। किसानों के लिए छुट्टा मवेशी अब समस्या बन चुके हैं। छुट्टा मवेशियों से फसल बचाने के लिए किसान इस कड़ाके की ठंड में खेत में ही रात बीताने को मजबूर है। इस समस्या पर प्रदेश सरकार ने पहल करते हुए अस्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कानपुर जिले में 20 अस्थाई गो संरक्षण केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं। केंद्र 10 दिनों में खोले जाने हैं। जिला प्रशासन इन केंद्रों को खोलने के लिए तत्पर है और जमीन के चिह्नांकन के काम जुटे हैं।
जिले में छुट्टा मवेशियों के झुंड किसानों की फसलें तबाह कर रहे हैं। मवेशियों को झुंड सिर्फ कानपुर देहात ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी हांके गए पशु फसलों पर हमला कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद ठिठुरते हुए किसान रात में खेत की रखवाली करने को मजबूर है। बीते बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त चेतावनी दी है कि 10 दिनों में इनके निर्माण पूरे होने चाहिए।
इधर, गुरुवार से जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिले के हर ब्लाक में दो केंद्र खोले जाने हैं। यह केंद्र ब्लाक क्षेत्र की अलग अलग दिशाओं में होंगे। पूरे ब्लाक के किसानों को राहत मिल सके। गो संरक्षण केंद्र खोलने के लिए सरवनखेड़ा, अकबरपुर, मलासा, अमरौधा, राजपुर, डेरापुर, झींझक, रसूलाबाद, मैथा व संदलपुर आदि सभी 10 ब्लाकों में जगह चिह्नाकन का काम लगभग पूरा हो गया है। सीडीओ महेंद्र कुमार राय ने सरवनखेड़ा ब्लाक के करसा गांव में जाकर खाली पड़ी ग्राम सभा की जमीन का जायजा लिया। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि उन गांवों का चयन करें जहां चारागाह के नाम पर भूमि का बड़ा रकबा आवंटित हैं।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पहले चरण में प्रत्येक ब्लाक में दो गो संरक्षण केंद्र खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। लगभग जगह भी तय हो चुकी है। कोशिश है कि 10 जनवरी तक इन्हें तैयार कर लिया जाए। अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं।