अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। जनता एवं पुलिस के मध्य की दूरी को कम करने और बेहतर पुलिसिंग के साथ जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने मेरी पुलिस सामुदायिक पुलिसिंग पहल की शुरुआत बृहस्पतिवार से की। इसमें समस्त थानों पर आने वाली प्रत्येक शिकायत के त्वरित निस्तारण के लिए थाना स्तर पर डेस्क आफीसर नियुक्त किए गए हैं।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि प्रतिदिन थाना कार्यालय में नियुक्त पुलिस कर्मचारियों में से एक पुलिस कर्मी को डेस्क आफीसर के रूप में नामित किया जाएगा । यह पुलिस कर्मी लाल रंग का पट्टा पहनेगा। जिस पर डेस्क अधिकारी लिखा होगा। यह लाल रंग का पट्टा इसलिए पहनाया जा रहा है, जिससे कि जनता के आने वाले व्यक्तियों को दूर से ही वह दिख सके। थाने पर जो भी शिकायतकर्ता आएगा उसे अटैंड करना डेस्क आफीसर की जिम्मेदारी होगी। थाना प्रांगण से अथवा उससे सटे हुए बाहर किसी स्थान पर बैठने वालों से भी डेस्क आफीसर पूछताछ करेगा कि वह क्यों बैठा है ।
उन्होंने कहा कि थाने पर प्रत्येक शिकायतकर्ता को देने के लिए लाल रंग की पर्ची उपलब्ध कराई गई है जिसका नाम मेरी पुलिस पर्ची रखा गया है । इस मेरी पुलिस पर्ची की शिकायत संख्या का प्रारूप इस प्रकार रखा गया है कि उसे देखकर शिकायत का प्रकार एवं कब से शिकायत थाने पर लंबित है, यह पता लगाया जा सके । डेस्क अधिकारी को सीयूजी सिम भी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि सभी सीओ, एएसपी, एसएसपी के कार्यालय से भी आने वाले आवेदकों को ‘मेरी पुलिस पर्ची’ दी जाएगी । थानो से निर्गत पर्ची लाल रंग की, सीओ कार्यालय से निर्गत पर्ची पीले रंग की, एएसपी कार्यालय से निर्गत पर्ची सफेद रंग की एवं एसएसपी कार्यालय से निर्गत पर्ची हरे रंग की होगी ।
- थानों में लाल पट्टी के साथ बैठेंगे डेस्क आफीसर
- शिकायतकर्ता को निस्तारण के संबंध में देनी होगी जानकारी