कानपुर के प्रसिद्ध गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट जच्चा-बच्चा अस्पताल में महिला स्वास्थ्य और प्रसूति सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल परिसर में गंभीर हालत में आने वाली प्रसूताओं के त्वरित और उच्च स्तरीय इलाज के लिए 20 बेड वाले विशेष हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के शुरू होने से अब कानपुर मंडल और आसपास के जिलों से आने वाली गंभीर रूप से बीमार गर्भवती महिलाओं को सही समय पर बेहतर और अत्याधुनिक चिकित्सीय देखभाल मिल सकेगी, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में बड़ी मदद मिलेगी।
आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम और सेंट्रल ऑक्सीजन की सुविधा
अस्पताल प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस नव निर्मित एचडीयू (HDU) वार्ड को पूरी तरह से आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है। 20 बेड वाले इस पूरे वार्ड में सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे सांस लेने में तकलीफ का सामना कर रही प्रसूताओं को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा सकेगा।
इसके अलावा, प्रत्येक बेड पर मरीजों के वाइटल्स (ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और ऑक्सीजन लेवल) पर लगातार नजर रखने के लिए आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। वार्ड में जीवन रक्षक दवाएं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं भी हर समय उपलब्ध रहेंगी, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
24 घंटे तैनात रहेगा प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, मातृ स्वास्थ्य होगा मजबूत
गंभीर प्रसूताओं की देखभाल के लिए एचडीयू वार्ड में विशेष रूप से प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती की गई है। यह मेडिकल टीम 24 घंटे शिफ्ट के हिसाब से मरीजों की स्थिति पर निरंतर नजर रखेगी। डॉक्टरों के अनुसार, कई बार प्रसव के समय या उसके ठीक बाद महिलाओं का ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ जाता है या भारी रक्तस्राव की समस्या खड़ी हो जाती है।