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सीएम योगी के आदेश की उड़ रही धज्जियां, गोशाला में दो दिन में मरे 20 गोवंश, डॉक्टरों ने बताया ये कारण

Fri, 31 May 2019 10:06 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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गोशाला में धूप में भूखे-प्यासे बैठे मवेशी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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इटावा के बसरेहर ब्लॉक की ग्राम पंचायत परौली रमायन की गोशाला में दो दिन में 20 गोवंशों की मौत हो गई। प्रशासन ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही जेसीबी से गड्ढा खोदकर जमीन में दफन करा दिया। डॉक्टरों का कहना है कि लू और तेज धूप के कारण गोवंशों की जान गई है।

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करीब छह महीने पहले शुरू की गई परौली रामायन की गोशाला जिले की सबसे बड़ी गोशाला है। यहां पर उस समय 1600 के करीब गोवंश लाए गए थे। जिनमें से इस समय केवल छह सौ के करीब गोवंश बचे हैं। गोशाला में मवेशियों को सूखा भूसा खाने को दिया जा रहा है।

पीने के लिए सीमेंट की बनी चरही में पानी भरा रहता है। दो दिनों में एक के बाद एक बीस गोवंशों की मौत हो गई। गोशाला कर्मचारी इंदल सिंह पुत्र मुरारीलाल के मुताबिक सूचना के आधार पर शुक्रवार को अधिकारियों ने एक जेसीबी भेजी। जेसीबी चालक ने गोशाला के एक किनारे पर गड्ढा खोदकर सभी मृत गोवंशों को दबा दिया।
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किसी भी गोवंश का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला में पशु चिकित्सक आते ही नहीं हैं। मवेशियों के मरने के बाद भी वे नहीं आए। उधर, पशु चिकित्सक डॉ. मंजू दोहरे ने बताया जो गोवंश मर जाता है, पंचनामा भरवाकर उसके शव को दफन करवा दिया जाता है। दो दिनों में मृत किसी भी मवेशी का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।  गोवंशों की मौत तेज धूप और लू के कारण हो रही है।

जिलाधिकारी जीबी सिंह ने बताया गोशाला में पांच-छह गोवंश मरने की जानकारी मिली है। बीडीओ और पशु चिकित्सकों की टीम भेजी गई है। परौली रामायन और आसपास के गांवों में बीमारी से मवेशी मरे हैं। जो सूचना आ रही हैं, उसमें गांव में बीमारी से मरे मवेशियों की संख्या ज्यादा है। फिर भी बीडीओ से वहां की स्थिति की रिपोर्ट लेंगे और स्थिति में सुधार किया जाएगा।

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