लॉकडाउन घोषित होने के बाद 23 मार्च से कानपुर की करीब 20, 000 फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप है। 10 लाख लोग घर बैठ गए। एक दिन के लॉक डाउन से करीब 5,000 करोड़ रुपये का उत्पादन नहीं हो सका। माना जा रहा है कि लंबे समय तक उत्पादन ठप होने की वजह से बाजारों में सप्लाई चैन टूट सकती है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन कानपुर चैप्टर के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल का कहना है कि नोट बंदी के दौरान भी इतना उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ था। सोमवार को तो 100 फीसदी उत्पादन ठप रहा। फैक्ट्री एरिया में सन्नाटा पसरा रहा।
लॉकडाउन की सीमा बढ़ा दी गई है। वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होने की वजह से तमाम आवश्यक कार्यों की आखिरी तारीख 31 मार्च है। सरकार को इसमें भी संशोधन करना होगा। अभी तक इसकी घोषणा नहीं हुई है।