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महंगा पड़ सकता है डमी प्रत्याशियों का सहारा

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उन्नाव। चुनाव मैदान में डमी प्रत्याशी उतार कर वाहन पास का जुगाड़ और चुनाव खर्च से बचने की जुगत प्रत्याशियों के लिए महंगा साबित हो सकता है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ऐसे प्रत्याशियों पर नजर रखेगा जो किसी अन्य राजनीतिक दल के प्रत्याशी के लिए मददगार बनने के लिए चुनाव मैदान में उतरे होंगे। आयोग के निर्देशों के मुताबिक कोई प्रत्याशी किसी अन्य प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करता पाया जाता है तो उसे डमी माना जाएगा। उसका चुनाव खर्च भी उस प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाए जिसके लिए वह प्रचार या वाहन मुहैया कराने में मदद करता पाया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च की सीमा अधिकतम 70 लाख रुपये और चुनाव प्रचार व जनसंपर्क के लिए वाहन पास की व्यवस्था की है। वाहनों और प्रचार सामग्री पर होने वाला खर्च प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने डमी प्रत्याशियों पर नजर रखने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। कोई प्रत्याशी अपने बजाए किसी अन्य प्रत्याशी के पक्ष में वाहन का प्रयोग या प्रचार करता हुआ पाया जाएगा तो उस वाहन को सीज कर दिया जाएगा। साथ ही डमी प्रत्याशियों द्वारा वाहन पर गया खर्च भी उस प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाएगा। चुनाव के दौरान मोबाइल टीमें लगाई जाएंगी। यह टीमें उम्मीदवारों के प्रचार और उनकी गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
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उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन कराया जाएगा।

16 से अधिक प्रत्याशी हुए तो दो बैलेट यूनिट
मतदान के लिए ईवीएम में लगाए जाने वाले बैलेट यूनिट में 16 प्रत्याशियों के चुनाव निशान वाला बैलेट पेपर लगाने की व्यवस्था होती है। अगर चुनाव मैदान में 16 से अधिक प्रत्याशी हुए तो अतिरिक्त बैलेट यूनिट लगानी पड़ेगी।
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1996 में 52 प्रत्याशियों ने लड़ा था चुनाव
लोकसभा चुनाव के इतिहास में अबतक 1996 में 52 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। जबकि 2009 और 2014 के चुनाव में 21-21 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था। वर्ष 2004 के चुनाव में 16, 1999 में 14, 1998 में 10, 1991 में 15, 1989 में 7, 1984 में 6, 1980 में 10, 1977 के चुनाव में 8, 1971 में 4, 1967 में 5, 1962 में 8 और 1957 के लोकसभा चुनाव में कुल चार प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था।
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