सजेती। नेयवेली पावर प्लांट में विभिन्न कंपनियों के अंडर में काम कर रहे दैनिक मजदूरों ने मंगलवार को काम बंद कर धरना दिया और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन एनएलसी (नेयवेली) के प्रशासनिक प्रबंधक को सौंपा। मजदूरों का आरोप है कि उनसे काम अधिक करवाया जाता है जबकि, मजदूरी का भुगतान कम किया जाता है। वहीं, सुविधाओं का अभाव भी बताया। क्षेत्र के यमुना पट्टी इलाके में बन रहे 1980 मेगावाट क्षमता के थर्मल ताप विद्युतगृह में एनएलसी (नेयवेली) के अंडर में कई कंपनियां कार्य कर रही हैं। इनमें विभिन्न जिलों और प्रांतों के मजदूर दैनिक मजदूरी पर काम करते हैं। मजदूरों के नेता वीरेंद्र और गनेश प्रसाद ने बताया कि नियमानुसार कुशल श्रमिकों को 510 रुपये और अकुशल श्रमिकों को 359 रुपये दैनिक के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए। जबकि, कंपनियों के ठेकेदार उनको अपने ढंग से भुगतान कर रहे हैं। यह भी बताया कि मजदूरों से निर्धारित 8 घंटे की जगह 12 घंटे काम करवाया जा रहा है। मंगलवार की सुबह एमएस, बीआरके, सांगा और सीडीआन कंपनियों के अंडर में काम कर रहे मजदूरों ने काम बंद कर दिया। और सभी मजदूर एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी होने पर कंपनियों के ठेकेदार और अधिकारी मजदूरों को मनाने में जुट गए। काफी मान-मनौव्वल के बाद मजदूरों ने धरना खत्म किया और काम पर वापस लौटे। धरना और विरोध प्रदर्शन करने वाले मजदूरों सूरजभान सिंह, योगेंद्र यादव, सनोज सिंह, रामसहोदर, सरमन कुमार और निभूलाल पाठक सहित अन्य ने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायतों और मांगों से संबंधित 14 सूत्री ज्ञापन नेयवेली कंपनी के प्रशासनिक प्रबंधक को सौंपा है। इस बारे में एनएलसी कंपनी के एचआर हेड रंगबहादुर सिंह ने बताया कि मजदूरों ने सांकेतिक धरना दिया था। उनकी जायज मांगों पर विचार कर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।