भीतरगांव विकास खंड के रसूलपुर-उमरा गांव के क्रय केंद्र पर किसानों से प्रति क्विंटल 2 किलो 600 ग्राम अतिरिक्त गेहूं लेने का मामला जांच के दौरान उजागर हुआ। जांच को राजस्व निरीक्षकों ने इलेक्ट्रानिक तौल कांटे पर तौले गए बोरे की बांट रखवाकर तौल कराई तो धांधली उजागर हो गई। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार के माध्यम से अधिकारियों को भेजी जा रही है।
नर्वल तहसीलदार प्रमोद झा ने बताया कि किसानों ने रसूलपुर-उमरा साधन सहकारी समिति पर संचालित खरीद केंद्र में तौल से अधिक गेहूं लेने की शिकायत की। शिकायत की जांच के लिए राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार और सतीश कनौजिया को भेजा गया। राजस्व निरीक्षकों ने मौके पर मौजूद किसानों के सामने इलेक्ट्रानिक तौल कांटे पर पहले तौली जा चुकी बोरी को बांट रखवाकर तौलवाया तो उसका वजन दो किलो 600 ग्राम अतिरिक्त निकला। राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि इसकी रिपोर्ट बनाने के साथ ही खरीद के औचक निरीक्षण रजिस्टर में भी संदर्भित किया है।
तहसीलदार ने बताया कि कुटिया-रामपुर और रसूलपुर-उमरा गांवों के खरीद केंद्रों की रिपोर्ट बनाकर डीएम के पास कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। बताया कि अधिकारियों का निर्देश मिलते ही संबंधित केंद्र प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
...सरकार खर्च नहीं देती, राजनीति चमका रही
तौल के दौरान निर्धारित से अधिक गेहूं लेने में फंसे रसूलपुर-उमरा के केंद्र प्रभारी सत्येंद्र सिंह यादव का कहना है कि खरीद केंद्र संचालित करने में पल्लेदारी से लेकर ढुलाई और गोदाम में भंडारित करवाने तक कई खर्चे देने होते हैं। बताया कि हर जगह बिना सुविधा शुल्क दिए कोई काम नहीं करता है। जबकि, बोरों के फटे होने और कई बार इधर से उधर रखवाने पर तमाम अनाज बिखरकर बर्बाद हो जाता है। इसकी क्षतिपूर्ति के अतिरिक्त गेहूं तौलना मजबूरी होती है। जबकि, सरकार खर्चे देती नहीं सिर्फ राजनीति चमकाती है।