जीएसटी को लेकर असमंजस में व्यापारी
औरैया। केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू तो कर दिया है लेकिन व्यापारियों में इसे लेकर असमंजस की स्थिति अभी भी बरकरार है। सबसे ज्यादा दिक्कत बिलिंग को लेकर आ रही है। किस पर कितना टैक्स लगाना है, ये भी व्यापारी को पता नहीं। ऐेसे में वे अभी पुरानी व्यवस्था पर ही कारोबार कर रहे हैं। साथ ही विशेषज्ञों से भी राय ले रहे हैं। बाजार में सन्नाटा जरूर दिखा लेकिन कुछ इसके पीछे जीएसटी को कारण मान रहे हैं तो कुछ का कहना है कि महीने की पहली तारीख होने व अभी ईद का त्योहार बीतने का भी असर है।
आर्डर नहीं ले रहे थोक दवा विक्रेता
मेडिकल स्टोर संचालक अखिल अग्रवाल जीएसटी लगाए जाने से खासे आहत दिखे। कहते हैं कि जीएसटी के कारण थोक दवा विक्रेता उनका आर्डर तक बुक नहीं कर रहे हैं। इससे दुकान पर कई जरूरी दवाओं की कमीे है। इसका खामियाजा मरीजोें को भुगतना पड़ सकता है। थोक दवा विक्रेताओं का कहना है कि दवा तो दे दें लेकिन रोजाना की सेल दिखाने के लिए बिलिंग कैसे करनी है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। जानकारों से राय ली जा रही है, स्थिति स्पष्ट होते ही माल भेजने लगेंगे।
माल की इंट्री कैसे करनी है, पता नहीं
शहर के मुख्य बाजार स्थित जनरल स्टोर संचालक रामप्रकाश गुप्ता कहते हैं कि सौ सालों से उनका कारोबार बिना किसी परेशानी के चल रहा था। लेकिन जीएसटी लागू होने से व्यापारी पूरी तरह से असमंजस में है। नई व्यवस्था के लागू होने से थोक विक्रेता माल नहीं दे रहे। किस आइटम की इंट्री कहां की जाए और कैसे, इसकी जानकारी नहीं है। अभी ग्राहक को अधिकांश घरेलू सामान एक ही जगह पर मिल जाते हैं, लेकिन लगता है कि जीएसटी की लिखा पढ़ी के कारण आधा सामान बेचना बंद करना होगा।
- कैसे करनी है बिलिंग स्पष्ट नहीं
- थोक दवा विक्रेता नहीं ले रहे आर्डर
- अभी पुरानी व्यवस्था के तहत ही कर रहे कारोबार