प्रशासन ने बारिश और ओले से हुई क्षति का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेज दी
है। 19 करोड़ 93 लाख 47 हजार रुपए क्षतिपूर्ति का आंकलन किया गया है।
गौरतलब है कि गत दिनों जिले में हुई झमाझम बारिश व ओलावृष्टि के चलते जिले
में गेहूं, चना, मटर, मसूर, अरहर, जौ, राई, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी
नुकसान पहुंचा है। पांच तहसीलों में गेहूं, चना, मटर, मसूर, अरहर, जौ,
राई, सरसों सहित अन्य बोई की गई 1 लाख 44 हजार 23 हेक्टेयर फसल मेें 1 लाख
25 हेक्टेयर फसलों में क्षति होने का आकलन किया है।
बताते चलें जिले में
फरवरी माह की शुरूआत में झमाझम बारिश होने से किसानों की खेतों में खड़ी
फसलें गिर गई थी। वहीं गत 15 फरवरी की जोरदार बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों
की फसलों को बिल्कुल बर्बाद की कगार पर खड़ा कर दिया। बारिश व ओलावृष्टि
के चलते खेत में खड़ी गेहूं, मसूर, मटर, जौ, अरहर, चना, राई व सरसों आदि
की फसलें गिर गई थी। वहीं अरहर व चना के फूल झड़ गए थे। आलू की खुदाई कर
रहे किसानों ने जलभराव होने से खुदाई कार्य बंद कर दिया था।
जिले में
जोरदार बारिश व ओलावृष्टि के चलते किसानों ने मुआवजे की मांग शुरू कर दी
थी। जिसके चलते जिला प्रशासन ने तहसीलवार क्षति आंकलन का कार्य तेज कर दिया
था। जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन ने बताया कि जिले की सभी पांच तहसीलों में
मटर, मसूर, अरहर, गेहूं, जौ, चना, राई व सरसों की बोई गई करीब 1 लाख 44
हजार 293 हेक्टेयर फसलों में बारिश व ओलावृष्टि की मार पड़ी थी।
इसके चलते
तहसील क्षेत्रों मेेें करीब 81 हजार 342 हेक्टेयर फसलें बर्बाद हुई हैं।
वहीं बारिश व ओलावृष्टि से करीब 26 हजार 550 हेक्टेयर फसलों को 50 प्रतिशत
से अधिक नुकसान हुआ है। जिले में फसलों को हुए नुकसान का क्षति आंकलन पूरा
कर लिया गया है।