माई सिटी रिपोर्टर कानपुर। उर्सला में कोरोना मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण कर मृत घोषित करने वाले डॉक्टर सहित चार कर्मियों के भी इस वायरस की चपेट में आने का खतरा है। अस्पताल प्रशासन ने इन चारों की कोरोना जांच के लिए नमूने लिए हैं। सभी को होम कोरन्टीन में रहने के निर्देश दिए हैं। उधर, इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया है। जांच रिपोर्ट शुक्रवार को आने की संभावना है। कुली बाजार निवासी कोरोना संक्रमित एस 10 सदस्य के पिता को 20 अप्रैल को देर रात हालत बिगड़ने पर उर्सला इमरजेंसी ले जाया गया था, जहां नाइट ड्यूटी कर रहे हैं ईएनटी सर्जन ने स्टाफ नर्स, फार्मेसिस्ट और वार्ड ब्वॉय के सहयोग से उनका चेकअप कर मृत घोषित किया था। हालांकि बाद में परिजन उन्हें लीलामणि हॉस्पिटल ले गए थे वहां की डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया था। 21 अप्रैल को को भैरव घाट विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार से पहले स्वास्थ्य विभाग ने शव और उसे लेकर पहुंचे 30 लोगों को कोरोना संदिग्ध मानते हुए जांच कराई। जांच रिपोर्ट में मृतक और उसके दूसरे बेटे, भतीजे सहित 4 लोगों को कोरोना होने की पुष्टि हुई थी। इसका पता चलते ही उर्सला अस्पताल में हड़कंप मच गया। उधर, उर्सला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एके सिंह ने बताया कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टर और उनके साथ मौजूद तीनों कर्मी पीपीई किट पहने थे इसलिए उन्हें कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं है। फिर भी एहतियातन इन चारों कोरोना जांच कराने के लिए नमूने लिए गए हैं, जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक इन चारों को अपने अपने घर में ही परिजनों से दूरी बनाते हुए होम कोरन्टीन में रहने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।