रूरा(कानपुर देहात)। सरकारी भवनों के परिसर में छुट्टा मवेशी बंद करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को बैजूपुरवा गांव के किसानों ने प्राथमिक स्कूल के परिसर में करीब 24 मवेशी बंद कर गेट में ताला लगा दिया। प्रधान प्रतिनिधि के समझाने पर भी किसान नहीं माने तो पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने विद्यालय से मवेशी बाहर निकलवाए तब जाकर दोपहर बाद शिक्षणकार्य शुरू हो सका। इसके पहले किसानों ने मंगोलपुर स्टेडियम और सैंथा गांव के सामुदायिक केंद्र में छुट्टा मवेशी बंद कर दिए गए थे। स्टेडियम में अभी भी मवेशी बंद हैं।
अकबरपुर ब्लॉक के बैजूपुरवा गांव के किसानों ने सोमवार सुबह करीब 24 छुट्टा मवेशी खेतों से खदेड़कर गांव के प्राथमिक स्कूल में बंद कर गेट पर ताला लगा दिया। स्कूल पहुंचे करीब 20 बच्चे बाहर खड़े रहे। इसी बीच प्रधानाचार्य विजय लक्ष्मी पहुंच गईं। उन्होंने ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि अंकित यादव को स्कूल परिसर में छुट्टा मवेशी बंद होने की सूचना दी। स्कूल पहुंचे अंकित ने मवेशी बंद करने वाले किसानों को समझाया लेकिन वह नहीं माने। किसानों का कहना था कि छुट्टा मवेशियों के लिए प्रशासन पहले स्थायी व्यवस्था कराए, तभी स्कूल से निकलने देंगे। इस पर प्रधान प्रतिनिधि ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस गांव पहुंची और ताला खुलवाकर मवेशियों को बाहर निकलवाया। परिसर में मवेशी बंद होने से दोपहर बाद से स्कूल में शिक्षण कार्य शुरू हो सका। थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राठी ने बताया कि स्कूल परिसर से छुट्टा मवेशियों को निकलवा दिया गया है । किसानों का कहना था कि छुट्टा मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। रात-रात भर जाग कर खेतों की रखवाली कर रहे हैं लेकिन मौका मिलते ही मवेशी फसलों चट कर जाते हैं।
गो संरक्षण केंद्र बनाने के लिए हसनापुर गांव के पास करीब साढ़े तीन बीघे जमीन चिह्नित की जा चुकी है। नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक वीएन सिंह ने बताया कि हसनापुर में चिह्नित जगह पर गो संरक्षण केंद्र और कूड़ा डंपिंग जोन का प्रस्ताव है। इसके लिए एक करोड़ 65 लाख रुपये की कार्ययोजना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
वहीं झींझक में ब्लाक क्षेत्र जलिहापुर गांव का पशु आश्रय केंद्र बनकर तैयार हो गया। एसडीएम दीपाली कौशिक ने सोमवार को जलिहापुर गांव में घूम रहे 11 छुट्टा मवेशियों को पकड़वाकर आश्रय केंद्र में बंद कराया। ग्राम प्रधान निर्मला सिंह ने कहा कि किसानों के सहयोग से गांव व खेतों में घूमने वाले छुट्टा मवेशियों को पकड़कर केंद्र में बंद कराया जाएगा। केंद्र करीब 12 बीघा रकबे में बनाया गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य निखिल सिंह, अशोक सिंह और ग्रामीण मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया औरंगाबाद में भी बड़ा पशु आश्रय स्थल बन रहा है। ये भी जल्द तैयार हो जाएगा।