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सरकारी भवनों में मवेशी बंद करने पर होगी कार्रवाई

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घाटमपुर (कानपुर)। परिषदीय विद्यालयों और अन्य सरकारी भवनों में छुट्टा मवेशियों को हांककर बंद करने की घटनाओं में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार की शाम तहसील भवन के सभागार में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने ग्राम प्रधानों की बैठक बुलाई और उनको शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शशांक चौधरी ने बताया कि छुट्टा मवेशियों की समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीण आक्रामक रुख अपना रहे हैं। उनको हांककर स्कूलों और अन्य सरकारी भवनों में भूखा-प्यासा कैद कर रहे हैं जो अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में प्रशासन संबंधित लोगों को चिह्नित करने के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। बताया कि जिन गांवों में समस्या है वहां के लोग सबसे पहले अपने मवेशियों को चिह्नित करके खूंटे में बांधे और उनके चारे-पानी की स्वयं व्यवस्था करें। कहा कि इसके लिए गांव के लोग आपस में बैठकें भी करें।
वहीं, शेष बचे असहाय मवेशियों के लिए ग्राम प्रधान और गांव के गणमान्य लोग मिलकर चारे-पानी के साथ ही उनके रहने के लिए अस्थायी बाड़े की व्यवस्था करें। जबकि, डेढ़-दो महीने के अंतराल में शासन के निर्देशानुसार प्रशासन भी पशुबाड़ेबनवाने के कार्य में तेजी दिखा रहा है। जिससे छुट्टा मवेशियों के रहने के लिए आश्रय स्थल उपलब्ध हो जाएंगे। कहा कि इसके बाद यदि किसी पशुपालक का मवेशी छुट्टा घूमता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में मौजूद घाटमपुर की ब्लॉक प्रमुख देविका सिंह के पति इंद्रजीत सिंह कुशवाहा ने अपनी गांव पंचायत मकरंदपुर का उदाहरण देते हुए उपस्थित ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया कि वह लोग भी गांववालों में जागरूकता पैदा करें। गोपालपुर, कोटरा, लौकहा, कुरसेड़ा, गड़ाथा, घुघुवा, निमधा, मदुरी और चिल्ली सहित कई अन्य ग्राम प्रधानों ने मकरंदपुर गांव पंचायत की तर्ज पर अपने गांवों में गोवंश संरक्षण की व्यवस्था करने का भरोसा दिया।
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