डेरापुर(कानपुर देहात)। शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने निकले बीईओ को कहीं विद्यालय बंद मिले, कहीं शिक्षक नदारद मिले। बीईओ ने गैरहाजिर मिले दो प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने के साथ ही एक शिक्षामित्र का मानदेय काटने के निर्देश दिए हैं।
बीईओ उदयनारायण कटियार शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की हकीकत देखने निकले। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय डिलौलिया का निरीक्षण किया। यहां 122 के सापेक्ष 65 बच्चे मौजूद मिले। विद्यालय में साफ-सफाई व रंगाई-पुताई का कार्य नहीं कराया गया था। शिक्षा की गुणवत्ता भी खराब मिली। बीईओ ने प्रधानाध्यापक संदीप का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए एक सप्ताह में सुधार करने को कहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय डिलौलिया में सबकुछ ठीक मिलने पर संतोष जताया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय सरकौड़ा का निरीक्षण किया, यहां प्रधानाध्यापिका आकांक्षा दीक्षित नदारद मिलीं। शिक्षिका विमला चौरसिया व शिक्षामित्र नीलम भदौरिया शिक्षण कार्य कर रहीं थीं। 42 के सापेक्ष 22 बच्चे मौजूद मिले। विद्यालय परिसर व शौचालय में गंदगी मिलने व रंगाई-पुताई का कार्य नहीं कराया गया था। दूध का भी वितरण न किए जाने की बात सामने आई। वहीं, बिना अनुमति के प्रधानाध्यापिका का अवकाश व मेडिकल उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज पाया गया। बीईओ ने उनका वेतन रोकने का निर्देश देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, प्राथमिक विद्यालय नारायनपुर 2:10 बजे बंद मिला। प्रधानाध्यापक मयंक प्रताप सिंह की करीब एक वर्ष से बगैर सूचना के गैरहाजिर रहने की बात सामने आई है। शिक्षामित्र सतेंद्र को विद्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। बीईओ ने कहा कि प्रधानाध्यापक के नदारद चलने की रिपोर्ट बीएसए कार्यालय भेजी जा चुकी है। वहीं, विद्यालय बंद होने के चलते शिक्षामित्र के एक दिन का मानदेय काटने की कार्रवाई की गई है। बीईओ ने प्राथमिक विद्यालय अलावलपुर का निरीक्षण किया। विद्यालय में सहायक अध्यापक प्रदीप सिंह व शिक्षामित्र सुनीता देवी बच्चों को पढ़ा रहीं थी। 47 के सापेक्ष 34 बच्चे मौजूद मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापक रामजी 10:10 बजे बीआरसी जाने की बात पत्र व्यवहार में चढ़ाकर चले गए थे। विद्यालय में गंदगी व्याप्त थी। इसके चलते प्रधानाध्यापक को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। बीईओ ने बताया कि गैरहाजिर मिलने वाले शिक्षकों व शिक्षामित्र के खिलाफ कार्रवाई की गई है।