अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। श्रम रोजगार उपायुक्त ने मनरेगा कार्यों में लापरवाही पर सभी खंड विकास अधिकारी बबेरू को कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो कार्य मनरेगा से अवश्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उधर, सीडीओ ने सभी बीडीओ को मनरेगा श्रमिकों का पंजीयन कराने को दस दिन का समय निर्धारित किया है।
गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने 11 जून के अंक में ‘मनरेगा में मजदूरों को काम के लाले’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। मंडलायुक्त रामविशाल मिश्रा ने खबर का संज्ञान लिया और मुख्य विकास अधिकारी को पत्र जारी कर जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीओ हीरालाल के निर्देश पर मनरेगा उपायुक्त विकास मिश्रा ने गुरुवार को सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी किया।
कहा है कि खबर में विकास खंड बबेरू की स्थिति अत्यंत खराब दशाई गई है। खबर प्रकाशित होने के पहले ही समीक्षा किए जाने पर मानव दिवस सृजन की कम प्रगति पर सीडीओ ने अप्रसन्नता जाहिर करते हुए अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए थे। लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी बबेरू को कठोर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो कार्य करवाने के निर्देश दिए। ताकि श्रमिकों के पलायन जैसी स्थिति उत्पन्न न हो सके।
उधर, सीडीओ हीरालाल ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर 90 दिनों तक मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीयन कराने को कहा है। बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से संचालित 15 योजनाओं का लाभ मिलता है। सीडीओ ने ऐसे श्रमिकों की सूची भी भेजी है। कहा है कि अभियान चलाकर संबंधित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए आवेदन भरवाएं। सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर श्रमि विभाग कार्यालय में आवेदन जमा कराएं। बीडीओ दस दिनों के अंदर आवेदन पत्रों की प्राप्ति रसीद मनरेगा सेल में उपलब्ध कराएं।
बबेरू बीडीओ को कठोर कार्रवाई की चेतावनी
मनरेगा कार्यों में ब्लाक की प्रगति बेहद खराब
मजदूरों के पंजीयन को 10 दिन की मोहलत
‘इंपैक्ट अमर उजाला’