फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टोलफ्री नंबर पर पाए कर्जमाफी की जानकारी

विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नाव। कर्जमाफी योजना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए किसानों को भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि शासन ने अन्नदाता की सहूलियतों के लिए एक टोलफ्री और वेबसाइट नंबर जारी किया है। किसान चाहे तो टोलफ्री और वेबसाइट के जरिये कर्जमाफी संबंधी किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
विज्ञापन


भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान सूबे में सरकार बनने पर किसानों का फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। मार्च माह में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो इस पर चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद सरकार ने अपनी घोषणा को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू की।

योजना में केवल दो हेक्टेयर तक की भूमि वाले किसानों को लाभ दिए जाने की बात कही गई थी। जुलाई माह के पहले पखवारे में पेश किए गए बजट में योगी सरकार ने कर्जमाफी के लिए धनराशि की भी व्यवस्था कर दी थी। इसके बाद बैंकों को कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसानों की सूची तैयार करने को आदेश दिए गए।
विज्ञापन


बैंकों की ओर से तैयार की गई सूची में 98358 किसानों के लाभ के दायरे में आने की जानकारी हुई। वैसे अभी भी किसान जानकारी के अभाव में बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। इस दौरान कुछ किसानों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। अब शासन ने किसानों को सहूलियतें देने के उद्देश्य से टोलफ्री नंबर 18001800544 और वेबसाइट बनाई है। किसान इन माध्यमों से कर्जमाफी में अपनी पात्रता संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं
कृषि विभाग के मुताबिक कर्जमाफी योजना का लाभ लेने के लिए फिलहाल आधार कार्ड अनिवार्य नहीं किया गया है। लेकिन जिनके पास आधार कार्ड नहीं होगा उनको कर्जमाफी का लाभ सबसे आखिर में मिलेगा। इसलिए किसानों से हर हाल में आधार कार्ड बनवाने को कहा जा रहा है। जिससे उन्हें जल्द से जल्द कर्जमाफी का लाभ मिल सके।

कैंप लगाकर होगा प्रमाणपत्र का वितरण
ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों को जिला/तहसील स्तर पर कैंप लगाकर प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। यही नहीं बैंक भी अपने स्तर से किसानों को ऋण माफी प्रमाणपत्र उपलब्ध करा सकती है। जानकारों की मानें तो कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसानों की सूची चार अगस्त तक बैंकों के साथ तहसीलों में उपलब्ध हो सकेगी।

फोन काल्स से कर्मचारी परेशान
सीडीओ कार्यालय में कर्जमाफी से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी देने के लिए खोले गए कंट्रोल रूम का नंबर तो उन्नाव का है, लेकिन इस पर काल्स गैर जनपदों से भी आ रही हैं। इसको लेकर कंट्रोल रूम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी परेशान हैं। कृषि विभाग के कनिष्ठ लिपिक विजय अवस्थी की फोन काल्स अटेंड करने में ड्यूटी लगाई गई है। विजय के मुताबिक इस नंबर पर दर्जनों फोन दूसरे जिलों और प्रांतों से आते हैं। ऐसे में उसे जवाब देना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन


-चार अगस्त तक तहसीलों में पहुंच जाएगी किसानों की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें